केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने रानी लक्ष्मीबाई के क्रांतिपथ प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखा दी है। 19 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में झांसी का किला, गणेश मंदिर, रानी महल, बरुआसागर का किला, ललितपुर में तालबेहट का किला व बालाबेहट के किला में पर्यटन विकास के कार्य होंगे। इसके लिए 15 नवंबर तक शासन धनराशि आवंटित कर देगा।
रानी लक्ष्मीबाई के संघर्ष से जुडे़ स्थलों को पहचान मिले। इसके लिये वर्ष 2015 में पुरातत्व, पर्यटन, राजकीय निर्माण निगम सहित अन्य सरकारी संस्थाओं ने संयुक्त रूप से 200 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया था। इसमें झांसी, जालौन के अलावा मध्य प्रदेश के तीन जिले ग्वालियर, भिंड और दतिया भी शामिल किये थे। लेकिन भारी धनराशि होने के चलते केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूर नहीं किया था। जिसके बाद दो बार फिर प्रोजेक्ट बना, जिसे मंजूरी नहीं मिल सकी।
हालांकि इन सभी नये प्रोजेक्टों में मध्य प्रदेश के जिले हटा दिये गये। पर्यटन विभाग के अनुसार रानी के क्रांतिपथ को स्वदेश दर्शन योजना में शामिल कर वर्ष 2018 के जुलाई-अगस्त में 19 करोड़ रुपये के नये बनाये प्रोजेक्ट को एक बार पर्यटन मंत्रालय भेजा गया, जिसे सितंबर में हुई उच्चाधिकारियों की बैठक में मंजूर कर लिया गया। पर्यटन विभाग के उपनिदेशक आरके रावत ने बताया कि 15 नवंबर तक धनराशि आवंटित हो जाएगी। इसमें स्मारकों का जीर्णोद्धार, बैठने के लिए बैंच, संपर्क मार्ग का निर्माण, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था होगी। कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम है।