भारत में आजादी के बाद से साक्षरता दर में बढ़ोतरी हुई है लेकिन फिर भी आंकड़े परेशान करने वाले हैं। रिपोर्ट में मिली जानकारी से पता चलता है कि भारत की साक्षरता दर विश्व की साक्षरता दर से 84 फीसदी कम है। देश में चलाए जा रहे सर्व शिक्षा अभियान जैसे कार्यक्रमों के तहत सरकार भी काफी कदम उठा रही है। आंकड़ों के मुताबिक आजादी के समय 1947 में साक्षरता दर महज 18 फीसदी थी जो कि साल 2011 में बढ़कर 75.06 तक पहुंच गई।
शिक्षा के क्षेत्र में भी लैंगिक असमानता
देश में महिलाओं और पुरुषों के बीच सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में भेदभाव किया जाता रहा है लेकिन आंकड़े बताते हैं कि महिलाएं शिक्षा के क्षेत्र में भी भेदभाव का सामना करती हैं। देश में महिलाओं की तुलना में पुरुष अधिक साक्षर हैं। पुरुषों की साक्षरता दर 82.14 फीसदी है। वहीं महिलाओं की साक्षरता दर 65.46 फीसदी है। अगर पड़ोसी देशों की बात करें तो उनमें भारत की स्थिति सबसे बेहतर है। वहीं विकसित देशों के मुकाबले भारत एक पिछड़ा देश ही है।
राज्यों में बिहार सबसे पीछे और सबसे आगे केरल
साल 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 6 लाख स्कूल ऐसे हैं जहां कमरों की कमी है। वहीं इस मामले में अगर राज्यों की बात करें तो उनमें पहला स्थान केरल का है। जबकि सबसे पिछड़ा राज्य बिहार है। केरल में साक्षरता दर 93.91 फीसदी है, लक्ष्यद्वीप में 92.28 फीसदी, मिजोरम में 91.58 फीसदी, त्रिपुरा में 87.75 फीसदी, गोवा में 87.40 फीसदी है। जबकि इनमें से सबसे पिछड़े राज्य तेलंगाना और बिहार हैं। तेलंगाना में साक्षरता दर 66.50 फीसदी है और बिहार में 63.82 फीसदी है।
विश्व साक्षरता दिवस के मौके पर भारत में इस बार थीम साक्षरता और कौशल विकास रखी गई है। इसी के तहत आई इंडिया स्किल्स रिपोर्ट, 2018 में बताया गया है कि बीते पांच सालों में भारतीय सनातकों की रोजगार क्षमता 34 फीसदी से बढ़कर 45.6 फीसदी पर पहुंच गई है।
यह आंकड़ा बेशक अच्छा दिख रहा है लेकिन यह भी सच है कि देश में अभी भी युवाओं की बड़ी संख्या बेरोजगार है। उनके पास बड़ी से बड़ी डिग्री तो है लेकिन पर्याप्त कौशल नहीं है। वहीं नार्वे, फिनलैंड, एंडोरा, लग्जमबर्ग और ग्रीनलैंड जैसे देशों में साक्षरता दर पूरे सौ फीसदी है।
सबसे ज्यादा अनपढ़ हैं भारत में
यूनेस्को की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में 78 करोड़ लोग अनपढ़ हैं। इनमें से 75 फीसदी केवल 10 देशों से ही हैं। इन देशों में चीन, भारत, पाकिस्तान, नाइजीरिया, बांग्लादेश, इथियोपिया, ब्राजील, इंडोनेशिया और कांगो का नाम शामिल है।