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World Health Day: 'मोदी सरकार ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को आईसीयू में पहुंचाया', केंद्र सरकार पर बरसे खरगे

Mon, 07 Apr 2025 05:19 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की तरफ से विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि, देश की स्वास्थ्य व्यवस्था आईसीयू में है और केंद्र ने पिछले पांच सालों में स्वास्थ्य मंत्रालय का बजट 42 फीसदी घटाया गया है।
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मल्लिकार्जुन खरगे, अध्यक्ष, कांग्रेस - फोटो : ANI
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विस्तार
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को बदहाल करने का आरोप लगाया है। विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक 2 मिनट 8 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया है। इसके साथ कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा, विश्व स्वास्थ्य दिवस पर ये जानना जरूरी है कि आखिर किस तरह मोदी सरकार ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को आईसीयू में पहुंचाया है।
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खरगे ने एक्स वीडियो पोस्ट कर कसा तंज
इस वीडियो की शुरूआत में लिखा गया है, 'दवाई, इलाज पर महंगाई की भाजपाई गोली।' इस वीडियो में मल्लिकार्जुन खरगे दावा किया है कि महंगे इलाज और कम सरकारी खर्च के आंकड़े सरकार के काम की गवाही दे रहे हैं।
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वीडियो में क्या-क्या दावे किए गए?
कांग्रेस अध्यक्ष की तरफ से पोस्ट किए गए वीडियो में दावा किया गया है कि, 5 साल से देश की चिकित्सा मुद्रास्फीति 14% रही, जिससे इलाज कराने का खर्च अधिक बढ़ गया। इस अप्रैल से 900 जरूरी दवाइयों के दमा बढ़े हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाले देते हुए यह भी कहा गया है कि हर साल 10 करोड़ भारतीय महंगे इलाज की वजह से गरीबी की कगार पर पहुंच जाते हैं। इसके साथ ये भी कहा गया है कि, आम लोगों को स्वास्थ्य और जीवन बीमा के प्रीमियम पर 18% जीएसटी देना पड़ता है। उन्होंने चिकित्सा में उपयोग होने वाली आवश्यक वस्तुओं पर लगे जीएसटी की ओर इशारा किया, जिसमें मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, सर्जिकल आइटम, पट्टियां, व्हीलचेयर और सैनिटरी नैपकिन पर 12 से 18% जीएसटी लगाया जाता है। एक साल में ही अस्पताल में होने वाले खर्च में 11.35% की बढ़त हुई है, जिनमें एंजियोप्लास्टी का खर्च दोगुना और किडनी ट्रांस्प्लांट का खर्च तीन गुना हो गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के तहत स्वास्थ्य के लिए जीडीपी का 2.5% खर्च होना था, लेकिन मोदी सरकार ने केवल 1.84% ही खर्च किया।  

स्वास्थ्य मंत्रालय का बजट घटा- खरगे
उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय का बजट पिछले पांच वर्षों में 42% कम हो गया है। उन्होंने खाली पदों की ओर इशारा करते हुए बताया कि भारत के 757 जिलों के 5,491 ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लगभग 80% पद खाली पड़े हैं, जबकि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 55% पद खाली हैं। खरगे ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) पर दो वर्षों की 65% राशि खर्च नहीं हुई है। साथ ही आयुष्मान योजना में घपलों का कैग ने पर्दाफाश किया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने दावा किया है कि 80% सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाएं नहीं है।
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पीएम मोदी बोले- आरोग्य ही परम भाग्य और धन
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर स्वस्थ रहने के महत्व को समझाते हुए कहा कि अच्छा स्वास्थ्य समृद्ध समाज की नींव होती है। एक्स पर एक 1 मिनट 53 सेकेंड का वीडियो साझा करते हुए उन्होंने कहा है कि आरोग्य ही परम भाग्य और धन है। 





 
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