महोत्सव के दौरान भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम जैसी भारतीय शास्त्रीय नृत्य कलाओं के संयोजन के साथ पंचभूतम की प्रस्तुति की गई। इसके अलावा सितार, वायलिन, वीणा, तबला, मृदंगम, बांसुरी, घंटम और 250 वाद्ययंत्र वादकों की सिम्फनी प्रस्तुत की गई।
श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग की तरफ से आयोजित चौथे विश्व संस्कृति महोत्सव का रविवार को समापन हो गया। अपनी तरह के इस अनोखे आयोजन में 10 लाख से ज्यादा लोग जुटे और मानवता को एकजुट का संकल्प लिया।
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कार्यक्रम के आखिर में आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर ने यूक्रेन में शांति के लिए प्रार्थना आयोजित की। उन्होंने कहा, दुनिया को अपनी अच्छाई को सामने लाने की जरूरत है। यह तभी सामने आएगी, जब हमें यह अहसास होगा कि पूरी दुनिया एक बड़ा परिवार है। महोत्सव के दौरान दुनियाभर के 17 हजार से ज्यादा कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। मशहूर रॉकस्टार बॉब मार्ले के पोते स्किप मार्ले ने वन लव गीत पर प्रस्तुति दी।
बिखरे भारतीय कला-संस्कृति के रंग
महोत्सव के दौरान भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम जैसी भारतीय शास्त्रीय नृत्य कलाओं के संयोजन के साथ पंचभूतम की प्रस्तुति की गई। इसके अलावा सितार, वायलिन, वीणा, तबला, मृदंगम, बांसुरी, घंटम और 250 वाद्ययंत्र वादकों की सिम्फनी प्रस्तुत की गई। वहीं, 10 हजार लोगों ने गरबा किया, 200 कलाकारों ने भांगड़ा व कश्मीरी लोक नृत्य पेश किया।
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कोलंबियाई सांसद ने जताया आभार
कार्यक्रम के दौरान कोलंबिया के सांसद जुआन कार्लोस-टेरेस ने वैश्विक शांति स्थापना में श्रीश्री रविशंकर के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका देश इस बात के लिए आभारी है कि वह बोगोटा में कोलंबियाई राष्ट्रपति से मिले और हवाना गए, जहां एफएआरसी विद्रोहियों को अहिंसा के रास्ते पर चलने के लिए मनाया।