पीएम मोदी के नीति आयोग पर उनके अपनों की नाराजगी बढती ही जा रही है। एक-एक कर संघ के कई संगठन नीति आयोग के खिलाफ मैदान में उतरने लगे हैं। संघ के संगठन स्वदेशी जागरण मंच के बाद अब भारतीय मजदूर संघ ने भी आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 22 से 24 मई के बीच कानपुर में हो रहे अपने राष्ट्रीय अधिवेषन में मजदूर संघ नीति आयोग के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित करेगा।
बीएमएस के राष्ट्रीय महासचिव बृजेश उपाध्याय ने नीति आयोग के खिलाफ पारित किए जाने वाले प्रस्ताव की जानकारी अमर उजाला को देते हुए कहा कि नीति आयोग की सलाह ठीक नहीं है। वह जमीन से अलग हटकर सोंचती है। उपाध्याय का कहना है कि केंद्र सरकार कुछ सोच रही है, आयोग कुछ और।
कृषि आय पर टैक्स लगाने और पब्लिक सेक्टर की कंपनियों को बेचने वाले आयोग के बयान का उल्लेख करते हुए बीएमएस महासचिव ने कहा कि दोनों ही मामलों में आयोग की राय सरकार की राय से अलग है। यही वजह है कि बीएमएस ने नीति आयोग के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने का निर्णय लिया है। कानपुर अधिवेशन में प्रस्ताव पारित कर सरकार से नीति आयोग की लगाम कसने की मांग होगी।
स्वदेशी जागरण मंच पहले ही कर चुका है नीति आयोग को खत्म करने की मांग
संघ का एक और संगठन स्वदेशी जागरण मंच नीति आयोग को भंग करने की मांग पीएम मोदी से पहले ही कर चुका है। जीएम फसलों और दवा मूल्य निर्धारण मामले में नीति आयोग के कदमों से हैरान होते हुए स्वदेशी जागरण मंच के सह संयोजक अश्विनी महाजन ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर नीति आयोग को भंग करने की मांग की थी। स्वदेशी जागरण मंच बीते छह माह से आयोग के खिलाफ अभियान चला रहा है। अब उसके साथ भारतीय मजदूर संघ भी इस मामले को लेकर मैदान में उतर आया है।
सनद रहे कि देश में विकास की रफ्तार बढाने की कवायद में पीएम मोदी ने योजना आयोग को खत्म करते हुए नीति आयोग का गठन किया था। मगर नीति आयोग के गठन के ढाई साल के भीतर ही अब उनके सहयोगी संगठनों की ओर से ही आयोग को खत्म किए जाने की मांग उठने लगी है।