राज्यसभा ने दुर्लभ कदम उठाते हुए शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की बहस के जवाब में दिए भाषण से एक शब्द रिकॉर्ड से हटा दिया। मोदी ने बृहस्पतिवार को चर्चा पर जवाब दिया था। मोदी के भाषण के बाद नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद के दिए गए बयान से भी एक शब्द रिकॉर्ड से हटाया गया है।
राज्यसभा सचिवालय ने बताया, सभापति वेंकैया नायडू ने 6 फरवरी को सदन की कार्यवाही के दौरान पीएम के भाषण से एक शब्द हटाने का निर्देश दिया है। सभापति दिनभर की कार्यवाही पर गौर करने के बाद गैरजरूरी या आपत्तिजनक शब्द रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश देते हैं लेकिन अब तक शायद ही कभी पीएम की टिप्पणी को हटाना पड़ा हो।
एनपीआर का बचाव करते हुए मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए यू-टर्न लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस खुद 2010 में एनपीआर लाई थी। जिसमें 2015 में तस्वीरों और बायोमेट्रिक सूचनाओं को शामिल किया गया।