बीमा हमारे परिवार का बुरे वक्त का साथी होता है। लेकिन तब क्या हो जब जरूरत के वक्त बीमा का पैसा आपके बीवी या बच्चों का न मिले। इसके लिए जरूरी है कि आप बीमा कंपनी का टर्म प्लान मैरिड वुमन प्रॉपर्टी एक्ट यानि MWP एक्ट के तहत ही बीमा खरीदें। आइए जानते हैं कि ये एक्ट क्या है और क्यों इसके तहत ही हमें बीमा खरीदना चाहिए।
क्या है नियम?
पहले जानते हैं कि किन परिस्थितियों में बीमा का पैसा परिवार के अलावा अन्य को मिल सकता है। तो बता दें कि यदि बीमाधारक पर कोई लोन चल रहा है तो लोन देने वाली संस्था या व्यक्ति इस पैसे को क्लेम कर सकते हैं। ऐसी परिस्थिति से बचने के लिए बीमाधारक को मैरिड वुमंस प्रॉपर्टी एक्ट के तहत टर्म इंश्योरेंस प्लान लेना चाहिए। ऐसी टर्म पॉलिसी ट्रस्ट मानी जाती है और पॉलिसी के लाभ राशि पर केवल ट्रस्टियों का ही अधिकार होता है। इसके ट्रस्टी पत्नी और बच्चे होते हैं। इसे कोई क्रेडिटर या रिश्तेदार क्लेम नहीं कर सकता।
कौन खरीद सकता है पॉलिसी?
अब सवाल उठता है ऐसे पॉलिसी कौन खरीद सकता है, तो सीधा उत्तर है सिर्फ शादीशुदा व्यक्ति। बीमा पॉलिसी में पत्नी और/या उनके बच्चे बीमाधारक के क्लेम के बेनेफिशयल नॉमिनी होते हैं। महिला भी MWP Act के तहत बीमा ले सकती है। लेकिन महिला के बीमा में नॉमिनी पति नहीं बल्कि केवल बच्चे होंगे। विधवा या तलाकशुदा महिला भी बच्चों को नॉमिनी बनाकर MWP Act के तहत बीमा ले सकती हैं।
कैसे लें बीमा?
अब जानते हैं कि MWP Act के तहत बीमा कैसे ले सकते हैं। तो बता दें कि बीमा लेते वक्त ही पॉलिसी को MWP के तहत खरीदना होता है। पॉलिसी के प्रपोजल फॉर्म में ही आपसे पूछा जाएगा कि क्या आप MWP Act के तहत पॉलिसी खरीदना चाहते हैं कि नहीं। इसमें बेनिफिशियरी या ट्रस्टी की जानकारियां देनी होती हैं। लेकिन यह सिर्फ नई पॉलिसी के साथ ही संभव है, पुरानी पॉलिसी में कोई बदलाव संभव नहीं है।