देश की राजधानी दिल्ली से मात्र 1200 रुपये में खरीदकर लाई गई दो किशोरियों ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। बीते दिन दोनों को ललितपुर में बेचने की कोशिश करते दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि छह लोग मौके से भाग गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के घर से बिहार की रहने वाली इन दोनों किशोरियों को मुक्त करा लिया है। पुलिस ने छह नामजद समेत आठ के खिलाफ मानव तस्करी का मुकदमा दर्ज किया है।
शहर कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक एके सिंह ने बताया कि सूचना मिली कि पनारी गांव स्थित कोमल के घर पर दिल्ली से लाई गई दो किशोरियों को बेचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने छापा मारकर दोनों किशोरियों को मुक्त कराया और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस को दोनों किशोरियों ने बताया कि हम पानीपत से पुरानी दिल्ली होकर बिहार जा रहे थे। इसी दौरान ट्रेन में हमार पर्स चोरी हो गया। एक महिला से सहायता मांगी तो उसने हमें अंतू उम्र 50 साल, राकेश उम्र 25 और वृषभान उम्र 50 साल को 1200 रुपये में बेच दिया। इसके बाद ये लोग एक हफ्ते पहले हमें ललितपुर लाए।
इसके बाद अंतू ने चार दिनों तक खजरा गांव स्थित अपने घर में रखा। इसके बाद खजरा गांव निवासी सुरेश अपने साथ चारों लोगों के साथ हमें मोटरसाइकिल से रमेश पुत्र गज्जू के यहां आल्हापुर गांव ले गए। यहां दो दिन तक रखने के बाद हमें बाजार कराने के बहाने पनारी गांव ले गए। यहां पर अंतू, राकेश, वृषभान, सुरेश, रमेश व कोमल दो अन्य लोगों को बुलाकर हमें बेचने के लिए सौदा तय करने लगे। पुलिस ने पनारी गांव निवासी कोमल पुत्र रम्मू अहिरवार और जाखलौन थानांतर्गत आल्हापुर गांव निवासी रमेश पुत्र गज्जू अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया है।
इसके अलावा सुरेश पुत्र अम्मू अहिरवार, राकेश पुत्र अंतू अहिरवार, अंतू पुत्र नामालूम और वृषभान यादव निवासी खजरा थाना बार और दो अज्ञात लोग मौके से भाग गए। पुलिस ने पीड़ित किशोरियों के बयान और वरिष्ठ उपनिरीक्षक एके सिंह की तहरीर पर छह नामजद समेत आठ लोगों के खिलाफ मानव तस्करी का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार दो आरोपियों को जेल भेज दिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भरत पांडेय ने बताया कि पुलिस ने दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। मानव तस्करी का मामला सामने आया है। अन्य लड़कियां चंगुल में होने की जांच की जा रही है।