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RSS: 'महिलाओं को पिछड़ी परंपराओं से मुक्त करना जरूरी', महिला सशक्तिकरण पर बोले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत

Fri, 18 Jul 2025 03:59 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे

सार

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण से ही देश का विकास संभव है। समाज में महिलाओं को पिछड़ी परंपराओं और रुढ़ियों से मुक्त किया जाना चाहिए, क्योंकि महिलाओं को पुरुषों के बराबर सभी योग्यताएं प्राप्त हैं। उन्होंने कहा- महिलाओं की स्वतंत्रता से पूरा समाज लाभान्वित होता है।
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मोहन भागवत, सरसंघचालक - फोटो : PTI
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विस्तार
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि किसी भी देश की प्रगति के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण बेहद जरूरी है और उन्हें पुरानी व पिछड़ी सोच वाली परंपराओं से मुक्त किया जाना चाहिए। वे महाराष्ट्र के सोलापुर में उद्योगवर्धिनी नाम के एक गैर-सरकारी संगठन की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
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'महिलाएं किसी भी समाज का सबसे अहम हिस्सा'
मोहन भागवत ने कहा, 'महिलाएं किसी भी समाज का सबसे अहम हिस्सा होती हैं। पुरुष जीवनभर काम करता है, महिला भी जीवनभर काम करती है, लेकिन उससे आगे जाकर वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती है। बच्चों के मन और संस्कार मां के स्नेह में ही विकसित होते हैं।'
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उन्होंने आगे कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल समाज के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के विकास के लिए अनिवार्य है। मोहन भागवत ने कहा, 'ईश्वर ने महिलाओं को एक अतिरिक्त विशेषता दी है, जिससे वे वह सब कर सकती हैं जो पुरुष नहीं कर पाते। साथ ही, उन्हें पुरुषों के जैसे सभी गुण भी दिए हैं। इसलिए वे पुरुषों के बराबर हर काम कर सकती हैं।'
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'महिला आगे बढ़ती है, तो वह पूरे समाज को आगे ले जाती है'
उन्होंने यह भी कहा कि पुरुषों को यह सोचना कि वे महिलाओं को ऊपर उठाएंगे, यह एक अहंकार की बात है। 'ऐसा सोचने की कोई जरूरत नहीं है। महिलाओं को बस स्वतंत्र छोड़ देना चाहिए, उन्हें पिछड़ी परंपराओं से मुक्त करना चाहिए और उन्हें खुद को विकसित करने देना चाहिए। जब एक महिला आगे बढ़ती है, तो वह पूरे समाज को आगे ले जाती है।' इस कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने उद्योगवर्धिनी संस्था की तरफ से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों की भी सराहना की।

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