राज्य के उसीलामपट्टी में सात माह की गर्भवती 30 वर्षीय महिला की घर पर नर्स द्वारा गर्भपात कराए जाने के दौरान मौत हो गई। पुलिस के अनुसार यह मामला कथित तौर पर एक कन्या भ्रूण से जुड़ा हुआ है। इस घटना के बाद यह स्थान नवजात बालिका शिशु की हत्या के चलन के लिए एक बार फिर शर्मसार हुआ है।
पुलिस ने बताया कि उथमपुर निवासी रामूतयी की पहले से ही तीम बेटियां थीं। निजी अस्पताल में लिंग परीक्षण कराने पर गर्भ में बच्ची होने का पता चला। बता दें कि भारत में गर्भ में बच्चे का लिंग परीक्षण करना और करवाना दोनों गैरकानूनी अपराध हैं। प्रतिबंध के बावजूद अस्पताल ने जन्म से पूर्व बच्चे का लिंग परीक्षण किया।
चिकित्सकों ने गर्भपात कराने से कर दिया था इंकार
जानकारी के मुताबिक महिला के परिवार वाले बच्ची होने की जानकारी होने पर गर्भपात कराना चाहते थे। उन्होंने इसके लिए धोट्टाप्पनयगर के एक अस्पताल से संपर्क किया, लेकिन तब तक गर्भ सात महीने का हो चुका था, इसलिए चिकित्सकों ने गर्भपात करने से इंकार कर दिया था।
पुलिस ने बताया कि चिकित्सकों द्वारा मना कर दिए जाने पर महिला अपने घर पर एक नर्स को बुलाकर गर्भपात कराने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान महिला की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि नर्स फरार है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, केस की जांच-पड़ता की जा रही है।
कन्या भ्रूण हत्या के लिए कुख्यात रहा है उसीलामपट्टी
मदुरै जिले की उसीलामपट्टी तहसील 80 और 90 के दशक में कन्या भ्रूण को जहर देकर मारने के लिए पूरे देश में कुख्यात रही है। हालांकि राज्य सरकार के विभिन्न प्रयासों के कारण ऐसी घटनाओं में कमी आई थी। अब इस घटना के बाद हालात फिर सोचने योग्य हो गए हैं।