राहुल गांधी का पत्र संसद का शीत सत्र शुरू होने से ठीक पहले आने के राजनीतिक निहितार्थ माने जा रहे हैं। संसद के मानसून सत्र से पहले भी गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र गांधी को महिलाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए इस बिल को पारित कराने का पत्र लिखा था।
पंजाब के अतिरिक्त इस समय पुडुचेरी और कर्नाटक में भी कांग्रेस की सरकार है। इसके अलावा हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद सामने आए एग्जिट पोल में कांग्रेस के खाते में तीन राज्य आने की संभावना जताई जा रही है, जिनके गठन के साथ ही उनकी विधानसभा में भी ऐसा ही प्रस्ताव पारित कराया जा सकता है।
ओडिशा में बीजद और आंध्र प्रदेश में टीडीपी पहले ही अपनी-अपनी विधानसभाओं में इस संबंध में प्रस्ताव पारित कराकर केंद्र सरकार को भेज चुकी हैं। ऐसे में इस बिल के समर्थन में 8-9 राज्यों की सरकारों के प्रस्ताव पारित करा देने से केंद्र सरकार पर भी संविधान संशोधन लाने के लिए दबाव बन जाएगा।
क्या है महिला आरक्षण बिल
महिला आरक्षण बिल में लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में एक तिहाई सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित करने को कहा गया है। इस बिल के पारित होते ही यह व्यवस्था लागू हो जाएगी, जिससे भारतीय राजनीति में महिलाओं को उचित हिस्सेदारी का मौका मिलेगा।