फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला आरक्षण कानून: संसद में आ सकते हैं दो नए विधेयक, विपक्ष बोला- सर्वदलीय बैठक बुलाए सरकार

Tue, 24 Mar 2026 02:15 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार बजट सत्र में महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए दो नए विधेयक ला सकती है। परिसीमन से पहले कानून प्रभावी बनाने पर विचार हो रहा है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक की मांग की है। कई महिला सांसदों ने पहल का स्वागत किया है।
विज्ञापन
संसद भवन - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र सरकार संसद के मौजूदा बजट सत्र में महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लागू करने के लिए दो नए विधेयक लाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक सरकार की योजना है कि लोकसभा और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही इस कानून को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
विज्ञापन


विपक्ष की सर्वदलीय बैठक की मांग
इस बीच, कई विपक्षी दलों ने सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि महिला आरक्षण कानून के कार्यान्वयन पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। विपक्ष का कहना है कि यह बैठक मौजूदा विधानसभा चुनावों के संपन्न होने के बाद आयोजित की जाए।

क्या है सरकार की पहल?
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर आम सहमति बनाने के लिए एनडीए और गैर-कांग्रेसी विपक्षी दलों के सदन के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें की। ताकि आम सहमति बन सके। यदि सहमति बनती है, तो ये दो विधेयक इसी सप्ताह संसद में पेश किए जा सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लोकसभा सीटों की संख्या वर्तमान 543 से बढ़ाकर 816 की जा सकती है, जिसमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Supreme Court: 'अब भारतीय सेना की महिला अफसरों को परमानेंट कमीशन', शॉर्ट सर्विस मामले में अदालत का अहम

महिला सांसदों की प्रतिक्रिया
मामले को लेकर कई दलों की महिला सांसदों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। जदयू सांसद लवली आनंद ने इसे एक सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि राजनीति में महिलाओं की अधिक भागीदारी से देश की प्रगति तेज होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की।

क्या बोलीं भाजपा सांसद?
भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आधी आबादी से किए गए वादे को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों के प्रयास महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए रहे हैं, जिससे नीति-निर्माण में उनकी भूमिका बढ़ेगी।

वहीं, समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने पहल का स्वागत करते हुए कार्यान्वयन की स्पष्टता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आरक्षण के मानदंड और व्यवस्थाएं क्या होंगी। हम सरकार की इस पहल से खुश हैं।
विज्ञापन


क्या है मामला?
संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। सितंबर 2023 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे अपनी स्वीकृति दी थी। यह प्रावधान परिसीमन अभ्यास के बाद लागू होना है, लेकिन सरकार इसे जल्द प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें