केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय में राज्यमंत्री रक्षा निखिल खडसे ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश को विकसित बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। देश को विकसित बनाने में कोई क्षेत्र पीछे न रह जाए, इसलिए पीएम मोदी और भारत सरकार सभी क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
निर्णय प्रक्रिया में शामिल होना अधिकार
यह भी पढ़ें- PM Modi Karnataka Visit Today: आज कर्नाटक दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी, भैरवैक्य मंदिर का करेंगे उद्घाटन
नगर निगम में महिलाएं को 50 प्रतिशत आरक्षण
जमीनी स्तर पर महिला आरक्षण विधेयक के प्रभाव को लेकर उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर यह काफी कारगर साबित होगी क्योंकि जितने भी स्थानीय निकाय हैं, वहां 50 प्रतिशत आरक्षण है। पंचायत से लेकर जिला पंचायत और नगर निगम ज्यादातर जगहों पर 50 प्रतिशत आरक्षण के तहत सभी महिलाएं सक्षम तरीके से काम कर रही हैं। इन महिलाओं को आगे लाने के लिए और इनके माध्यम से देश को आगे बढ़ाने के लिए यही मौका है। पीएम मोदी की ओर से सही प्रावधान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से नगर पंचायत और नगर निगम तक महिलाएं पहुंची हैं। अगर उनको विधानसभा और लोकसभा में मौका मिलेगा तो निश्चित रूप से उनके माध्यम से एक अच्छा नेतृत्व मिल सकता है। विपक्ष की ओर से इसके लागू होने में देरी को लेकर सवाल उठाने पर रक्षा निखिल खडसे ने कहा कि ये लॉन्ग टर्म प्रॉमिस नहीं रहेगा। पहले भी बताया गया है कि 2029 के चुनाव में लागू हो जाएगा। आने वाले चुनावों में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तरह महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा।
यह भी पढ़ें- नारी शक्ति वंदन अधिनियम: महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस की कशमकश के बीच प्रतिभा पाटिल का समर्थन, PM को लिखा पत्र
विपक्ष की ओर से जातिगत जनगणना को लेकर सवाल उठाए जाने पर रक्षा निखिल खडसे ने कहा कि विपक्ष का काम है, विरोध करना। सरकार पूरी तरह से विचार-विमर्श करके ही निर्णय कर रही है। आरक्षण लागू होना जरूरी है, परिसीमन के बाद 2029 में इसको लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने के बाद महिलाओं की संख्या बढ़ जाएगी। क्योंकि मौजूदा वक्त में महिलाओं की भागीदारी काफी कम है। मैं तीसरी बार लोकसभा में सांसद हूं और मंत्री हूं।
यह अधिनियम किसी एक पार्टी के लिए नहीं
उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में महिला मुख्यमंत्री हैं, उनकी तरफ से पूरी कोशिश की जा रही है कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। महिलाओं की समस्या पर महिला मुख्यमंत्री काम करती हैं। उन्होंने कहा कि देश के कई क्षेत्रों में बेटियों को आज भी नहीं पढ़ाया जाता है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को महिलाएं नहीं बता पातीं, लेकिन काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। महिला सांसद उनकी परेशानयों को भी आसानी से बता पाएंगी। उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से विधानसभा और लोकसभा जाने का सपना देख सकती हैं। (इनपुट- आईएएनएस)