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सबरीमाला में टूटी परंपरा: दो महिलाओं के दर्शन के बाद हुआ शुद्धिकरण, दोबारा खुला मंदिर

Wed, 02 Jan 2019 09:39 AM IST
अनिल पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
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बिंदु और कनकदुर्गा - फोटो : PTI
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आज तड़के सुबह दो महिला भक्तों ने सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा के दर्शन करके सालों पुरानी परंपरा तोड़ दी। बिंदु और कनकदुर्गा नाम की इन महिला भक्तों ने सुबह 3:45 बजे मंदिर में जाकर दर्शन किया। पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं को भगवान अयप्पा स्वामी के मंदिर में प्रवेश की पाबंदी हटा दी थी। हालांकि, भगवान अयप्पा के भक्तों के विरोध के कारण अब तक एक भी महिला मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकी थी।

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पेशे से वकील बिंदु और सामाजिक कार्यकर्त्ता कनकदुर्गा ने बताया कि उन्होंने पुरुषों के कपड़ों में मंदिर में प्रवेश करके दर्शन किया। दोनों के मुताबिक इस दौरान दर्जन भर पुलिस कर्मी भी सिविल ड्रेस में उनके साथ मौजूद रहे। महिलाओं के दर्शन के बाद मंदिर के शुद्धिकरण करने की खबरें हैं। बताया जा रहा है कि मंदिर शुद्धिकरण प्रक्रिया के लिए कुछ देर बंद रहा और अब इसे वापस दर्शन-पूजन के लिए खोल दिया गया है।

बिंदू कॉलेज में लेक्चरर और भाकपा (माले) कार्यकर्ता हैं। वह कोझिकोड जिले के कोयिलैंडी की रहने वाली है। कनकदुर्गा मलप्पुरम के अंगदीपुरम में एक नागरिक आपूर्ति कर्मी हैं। वे दोनों 24 दिसंबर को सबरीमला आई थीं। इससे पहले चेन्नई के एक संगठन ने 11 महिलाओं को मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया था और अयप्पा मंत्रोच्चारण कर रहे श्रद्धालुओं ने उन्हें वहां से लौटा दिया था।
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रिपोर्ट की मानें तो दोनों महिलाएं एम्बुलेंस में मंदिर तक पहुंची। दोनों महिलाओं के दर्शन के लिए पुलिस ने पहले से इंतजाम किये हुए थे। पुलिस ने दोनों के दर्शन का वीडियो भी जारी किया है। प्रदेशभर में हाई अलर्ट घोषित किया गया है।

वहीं राज्य के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने कहा कि हमने पुलिस को दर्शन करने की इच्छा रखने वाली महिलाओं को सुरक्षा देने का आदेश दिया था।
 

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वहीं त्रावणकोर मंदिर देवस्थानम बोर्ड के अध्यक्ष पद्मकुमार ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से हुई है। वह सीसीटीवी फुटेज की जांच करेंगे। इधर मंदिर के तंत्री ने भी अभी कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ और भाजपा 10 से 50 वर्ष की आयुवर्ग की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश का विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि वह श्रद्धालुओं के साथ हैं।
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