फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब परदेस नहीं भाग सकेंगे दगाबाज एनआरआई बालम

Mon, 03 Jul 2017 04:27 AM IST
धीरज कनोजिया/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
NRI
विज्ञापन
अक्सर ऐसी शिकायतें मिलती रहती हैं कि एनआरआई दुल्हन की तलाश में भारत आते हैं। विदेशों में अपनी हैसियत का बखान कर लड़की वालों को झांसा देकर शादी कर लेते हैं, लेकिन कुछ दिन गुजारने के बाद दुल्हन को छोड़कर भारत से रफूचक्कर हो जाते हैं। या विदेश ले जाकर उन पर सितम ढाते हैं।
विज्ञापन


जटिल एवं लंबी कानूनी प्रक्रिया के कारण जब सारी आशाएं धूमिल हो जाती हैं, तो दुल्हन को रो-धोकर संतोष करना पड़ता है। ऐसे धोखेबाज एनआरआई पतियों से परेशान महिलाओं की मदद के लिए सरकार ने ठोस योजना बनाने का फैसला किया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ऐसी व्यवस्था करने जा रहा है, जिससे एनआरआई पुरुषों द्वारा छोड़ी गई महिलाओं को तुरंत राहत मिल सके।

मौजूदा कानून औपचारिकताओं से भरे हैं, जिनका फायदा उठाकर ये अप्रवासी खुद को बचा लेते हैं। मसलन कई एनआरआई पति देश में अपनी पत्नियों को छोड़ कर विदेश भाग जाते हैं। जहां से उनको पकड़ना या कार्रवाई करना कठिन होता है। इन्हें विदेश जाने से रोकने के लिए अदालत के आदेश जरूरी होते हैं। जब तक आदेश जारी होते हैं, तब तक परदेसी पति रफूचक्कर हो जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

फौरी राहत के लिए सरकार ने बनाई समिति

NRI
महिला बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा ‘हम एनआरआई पतियों की धोखेबाजी की शिकार महिलाओं को तुरंत राहत और कानूनी हक देने के लिए ऐसा संस्थागत तंत्र तैयार करना चाहते हैं।’ इसके लिए एक ही जगह पर एनआरआई पतियों की शिकायत करने की एक प्रणाली तैयार हो रहा है।

अभी सरकार एनजीओ के जरिये ऐसी महिलाओं की मदद करती है। अभी तक सरकार को ज्यादातर ऐसी शिकायतें मिलती हैं, जिसमें एनआरआई पति पत्नियों को पासपोर्ट जबरन रख लेते हैं और उनको यात्रा करने नहीं देते। या भारत में शादी कर विदेश भाग जाते हैं। या फिर शादी करने के बाद विदेशों में महिलाओं को अकेला छोड़ देते हैं।

सरकार ने अप्रवासी पतियों द्वारा परित्यक्त महिलाओं की मदद के लिए एक समिति बनाई है। समिति ऐसी व्यवस्था बनाने की सिफारिश कर रही है, जिसमें देश छोड़ कर भागने वाले एनआईआई दूल्हों को पकड़ने के लिए बिना कोर्ट के आदेश के ही एयरपोर्ट पर लुक आउट नोटिस जारी किया जा सके।

इस तरह उसके लिए देश छोड़ कर भागना मुश्किल होगा। सरकार अप्रवासी पतियों से शादी करने वाली महिलाओं को दो पासपोर्ट जारी करने, वित्तीय व कानूनी मदद देने जैसे तमाम विकल्पों पर विचार कर रही है। एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर विकसित करने जा रही है। समिति में गृह, विदेश और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकारी शामिल हैं। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें