अलीगढ़ के देहलीघाट क्षेत्र की रहने वाली महिला ने अपने क्षेत्र के इंस्पेक्टर सुनील सिंह पर दुपट्टा हटवाने का गंभीर आरोप लगाया है। घर से बेघर महिला पति के घर से बच्चों की ड्रेस और किताबें दिलवाने की गुहार लेकर थाने पहुंची थी। डीआईजी को की गई शिकायत में महिला का कहना है कि मना करने पर इंस्पेक्टर ने अपना रौब दिखाया। इसके बाद फोन पर अश्लील बाते कीं।
बातचीत वायरल होने के बाद एसएसपी ने सीओ प्रथम को जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं
इंस्पेक्टर ने आरोपों से साफ इंकार करते हुए इसे साजिश करार दिया है। जानकारी के अनुसार महिला के तीन बच्चे हैं। उसे पति ने मारपीट करके घर से बाहर निकाल दिया है। इसी कारण बच्चों की ड्रेस और किताबें घर पर छूट गई हैं और वह परीक्षा नहीं दे पा रहे हैं। पति से किताबें और ड्रेस दिलवाने की गुहार लेकर वह 3 सितंबर को थाने गई थी।
अपनी शिकायत में महिला का कहना है कि थाने में इंस्पेक्टर ने उसकी बेइज्जती की और डेढ़ घंटे तक थाने में बिठाए रखा। इसके बाद उसे कोल्ड ड्रिंक, बीयर और डिनर तक का ऑफर दिया। कोने में खड़ा कराया।
दुपट्टा हटाने के लिए कहा। डर के मारे महिला ने सबकुछ सहा। केवल इतना ही नहीं सहेली के सुंदर होने के बारे में पूछा। स्मार्टफोन दिलाने की बात की। 13 सितंबर को दोबारा थाने बुलाकर अश्लील बातें कीं और रात में फोन करने की बात कही।
जब इंस्पेक्टर का फोन नहीं आया तो 14 सितंबर को महिला ने उसे फोन किया। इंस्पेक्टर ने पूछा कि रात किसके साथ सोई थी? सहेली से मिलवाने के लिए कहा। बातचीत वायरल होने के बाद जांच बिठाई गई है। इस मामले पर समाजवादी पार्टी की महिला सभा की महानगर अध्यक्ष रूबीना खानम ने इंस्पेक्टर को निलंबित करके एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भाजपा राज में पुलिसकर्मी महिलाओं के साथ बदसलूकी कर रहे हैं। बेटियों का सम्मान तक बचाना मुश्किल हो गया है।