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मासूम से बलात्कार के बाद हत्या के आरोपी की फांसी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

Tue, 18 Sep 2018 01:58 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट
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मध्यप्रदेश के शहडोल में चार साल की बच्ची से बलात्कार के बाद हत्या के दोषी की फांसी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है।

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उच्चतम न्यायालय ने दोषी की याचिका पर मध्यप्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। बता दें कि बच्ची से बलात्कार के मामले में 26 वर्षीय आरोपी को शहडोल जिला अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी जिसे मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी जारी रखी थी। यही नहीं इस पूरे मामले को हाईकोर्ट ने विरलतम मामला भी बताया था। 

दोषी विनोद ने 13 मई 2017 को 4 साल की बच्ची के साथ रेप किया था और बाद में उसकी हत्या कर थी। विनोद को शहडोल की जिला अदालत ने इस साल 28 फरवरी को फांसी की सजा सुनाई थी जिसके बाद विनोद ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।  हाईकोर्ट ने भी फांसी की सजा को बरकरार रखा था।  इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट गया जहां सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। 
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बता दें कि दोषी ने 13 मई 2017 को बच्ची को बहलाकर अगवा कर लिया और शहडोल बस स्टैंड के पीछे मैदान में ले जाकर उससे बलात्कार किया था बाद में उसकी हत्या कर दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने दोषी विनोद की याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। इससे पहले 9 अगस्त को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दोषी विनोद की फांसी की सजा बरकरार रखी थी।  विनोद को शहडोल की निचली अदालत ने इसी साल 28 फरवरी को फांसी की सजा सुनाई थी। जिसके बाद विनोद ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था लेकिन उच्च न्यायालय ने भी फांसी की सजा को बरकरार रखा था।

मध्य प्रदेश विधानसभा ने पिछले दिनों दंड विधि संशोधन विधेयक पास किया था। इस विधेयक में 12 साल या इससे कम आयु की बच्ची से बलात्कार करने पर फांसी की सजा का प्रावधान किया गया था।
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गौरतलब है कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार बलात्कार के मामलों में मध्य प्रदेश का देश में पहला नंबर है। अगर हिसाब लगाया जाए तो राज्य में हर दिन बलात्कार के 13 मामले होते हैं। जाहिर है, राज्य सरकार के लिए यह आंकड़ा हर लिहाज से शर्मनाक है। अगले साल चूंकि विधानसभा के चुनाव हैं, लिहाजा सरकार इस मुद्दे पर अपनी छवि को लेकर खासा चिंतित है। दंड विधि संशोधन विधेयक इसी चिंता की देन है।

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