चेन्नई में अतिक्रमण विरोधी अभियान में घर तोड़े जाने के बाद एक महिला ने सड़कों पर खाना बनाना शुरू कर दिया है। इस बारे में पूछे जाने पर उसने कहा कि हमारे पास घर के दस्तावेज हैं, हम कहीं नहीं जाएंगे।
इस समय न केवल देश की राजधानी दिल्ली में बल्कि कई राज्यों में अतिक्रमण के खिलाफ बुल़डोजर चल रहा है। दिल्ली में जहां इसको लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में भी अतिक्रमण हटाओ अभियान चल रहा है। जिसका वहां के बाशिंदे विरोध भी कर रहे हैं। सोमवार को चेन्नई में अतिक्रमण विरोधी अभियान में घर तोड़े जाने के बाद एक महिला ने सड़कों पर खाना बनाना शुरू कर दिया है। इस बारे में पूछे जाने पर उसने कहा कि हमारे पास घर के दस्तावेज हैं, हम कहीं नहीं जाएंगे।
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दरअसल, चेन्नई में चले अतिक्रमण हटाओ अभियान में वहां की स्थानीय प्रिया का घर भी तोड़ दिया गया। जिसके बाद उसने वहां सड़कों पर खाना बनाना शुरू कर दिया है। इस बारे में पूछे जाने पर प्रिया ने कहा कि हमारे पास हमारे घर के दस्तावेज हैं। बिना किसी सूचना के इसे तोड़ दिया गया। मैंने यहां सड़कों पर खाना बनाना शुरू कर दिया क्योंकि मुझे कहीं नहीं जाना है।
प्रिया ने आरोप लगाते हुए बताया कि अधिकारियों का कहना है कि वे हाउसिंग स्कीम के जरिए उन्हीं को घर देंगे, जिनके परिवार में तीन सदस्य हैं। उन्होंने हम सभी को बेघर कर दिया है। मेरी बीमार मां और मेरे बच्चे हैं। मैं यहां से नहीं जाऊंगी।