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Maharashtra: दुष्कर्म मामले में आरोपी क्यों हुआ बरी, महिला की शादी के खुलासे से कैसे पलटा पूरा मामला?

Tue, 14 Jul 2026 10:05 PM IST
निर्मल कांत पीटीआई, ठाणे (महाराष्ट्र)।

सार

Maharashtra: ठाणे की अदालत ने दुष्कर्म और धमकी के मामले में 30 वर्षीय आरोपी को बरी कर दिया। महिला ने अदालत में बताया कि उसने आरोपी से अपनी इच्छा से शादी की है और उनके बीच संबंध सहमति से बने थे। पूरा मामला क्या था, पढ़िए रिपोर्ट-
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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ठाणे जिले की एक विशेष अदालत ने दुष्कर्म और आपराधिक धमकी के मामले में आरोपी व्यक्ति को बरी कर दिया। ऐसा तब हुआ, जब शिकायत करने वाली महिला ने अदालत को बताया कि उसने अपनी इच्छा से उसी व्यक्ति से शादी कर ली है।
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अदालत ने सोमवार को अपने फैसले में कहा कि चूंकि पीड़िता ने स्वीकार किया है कि आरोपी (30 वर्षीय) के साथ उसके शारीरिक संबंध आपसी सहमति से बने थे, इसलिए दुष्कर्म का मामला नहीं बनता।

क्या आरोप लगाए गए थे?
अभियोजन पक्ष का आरोप था कि ठाणे जिले के मीरा रोड निवासी इस व्यक्ति ने वर्ष 2022 में सोशल मीडिया पर दिए गए एक विज्ञापन के जरिये विवाहित महिला (26 वर्षीय) को अपने संपर्क में लाया और उसे शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी ने महिला से एक लाख 79 हजार रुपये भी वसूले और उनके बीच हुई बातचीत उसके पति को दिखाने की धमकी दी।

सुनवाई के दौरान कैसे बदला मामले का रुख?
हालांकि, विशेष जज प्रेमल विठलानी की अदालत में सुनवाई के दौरान मामले ने नया मोड़ ले गया। जिरह के दौरान महिला ने माना कि उनके बीच शारीरिक संबंध आपसी सहमति से बने थे और अब उसे आरोपी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है। महिला ने यह भी बताया कि उसने अपने पहले पति से तलाक ले लिया है और 17 दिसंबर 2024 को आरोपी से शादी कर ली है।

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अदालत ने आरोपी को क्यों किया बरी?
जज विठलानी ने कहा, चूंकि जिरह के दौरान पीड़िता ने स्वीकार किया है कि शारीरिक संबंध आपसी सहमति से बने थे, इसलिए दुष्कर्म का कोई मामला नहीं बनता। 
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अदालत ने पीड़िता के पिता की गवाही को सुनी-सुनाई बात मानते हुए खारिज कर दिया। अदालत ने भारतीय दंड संहिता के तहत दुष्कर्म तथा आपराधिक धमकी के आरोपों से आरोपी को बरी कर दिया।
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