मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर की गिरफ्तारी में महिला ऑफिसर का रोल काफी अहम माना जा रहा है। थाणे क्राइम ब्रांच के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा करीब 15 दिन से इकबाल कासकर को धर-दबोचने का प्लना बना रहे थे, लेकिन कासकर की चौकन्नी सेफ्टी को देखते हुए ये प्लान काफी हल्का लग रहा था। दरअसल, हाल ही में एक बिल्डिंग के गिर जाने के बाद कासकर अपनी बहन हसीना पारकर के घर में रह रहा था, यहां उसके आदमी हर छोटी हरकत पर कड़ी नजर बनाए हुए थे।
प्रदीप शर्मा ने बताया कि कासकर को क्राइम ब्रांच की रेड की जरा भी भनक लगती, तो वो फरार होने में कुछ ही मिनट लगाता। इसलिए महिला ऑफिसर को लीड करने के निर्देश दिए गए। महिला ऑफिसर ने उस वक्त सादे कपड़े पहले हुए थे और कासकर के घर में मौजूद नौकर ने एक महिला को देखकर बिना सोचे गेट खोल दिया। इस मौके का फायदा उठाते हुए टीम ने उनके पीछे से घर में एंट्री की।
प्रदीप शर्मा के जासूसों ने उन्हें बताया था कि यहां सीसीटीवी तो लगे हुए हैं, लेकिन वो काम नहीं कर रहे और इससे पुलिस को एक बड़ी मदद मिली थी। साथ ही गेट खोलने वाला आदमी महिला पुलिस ऑफिसर से कद में छोटा था, इसलिए वो पीछे बाकी टीम को देख नहीं पाया।
प्रदीप शर्मा ने बताया कि जब वे घर में घुसे तो उस वक्त करीब 5 लोग वहां मौजूद थे। उन्होंने ये भी बताया कि उन्हें मालूम था कि कासकर उस वक्त डिनर कर रहा है, क्योंकि थोड़ी देर पहले ही उसके घर में खाने की होम डिलीवरी की गई थी। कासकर ने पुलिस टीम से वहां आने का मकसद पूछा तो प्रदीप शर्मा ने उसे साथ चलने के लिए कहा था। कासकर ने पुलिस से गुजारिश की और कहा कि वो अपना डिनर खत्म करना चाहता है, जिसे टीम ने मान लिया।
बता दें कि कासकर पर रंगदारी का गंभीर आरोप लगा है और उसपर ड्रग्स का धंधा करने का भी आरोप है। पुलिस के मुताबिक जिन लोगों से पैसे वसूले गए हैं, उनमें डॉक्टर, इंजीनियर और नेता भी शामिल हैं। फिलहाल पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और मामले की इस एंगल से जांच की जा रही है कि इसमें दाऊद इब्राहिस का सीधे तौर पर हाथ है या नहीं।