महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने उस महिला को पूरी सहायता का भरोसा दिलाया है, जिसके पति ने वाट्सएप पर उसे कथित तौर पर तीन तलाक दे दिया है। ‘मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक’ गुरुवार को लोकसभा में पारित होने के बाद तीन तलाक (तलाक ए बिद्दत) का यह पहला मामला है।
ये है मामला
बेंगलुरू की एक महिला को अमेरिका में रह रहे उसके पति ने विवाह के 15 साल बाद वाट्सएप पर तलाक दे दिया। रेशमा अजीज नाम की इस महिला ने वॉट्सएप और ऑडियो के जरिए तलाक दे दिया। सुप्रीम कोर्ट की ओर से तीन तलाक को अवैध ठहराए जाने के बावजूद पेशे से सर्जन जवीद खान ने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया।
इसे लेकर मीडिया में आई खबर पर मेनका ने कहा कि उनके मंत्रालय ने मामले को प्राथमिकता के आधार पर लिया है और महिला को पूरी सहायता का भरोसा दिलाया है।
उन्होंने ट्विटर पर कहा कि उनके मंत्रालय ने तीन तलाक के इस मामले को प्राथमिकता के साथ लिया है। मुस्लिम समुदाय में तीन तलाक की प्रथा को अपराधिक कृत्य बनाने वाला विधेयक लोकसभा में पारित होने के बाद प्रकाश में आए इस पहले मामले से सख्ती से निपटा जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि न्याय हो।
मेनका ने कहा कि उन्होंने महिला के भाई से सम्पर्क किया है और उनसे सभी जानकारी देने को कहा है। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘हम मुस्लिम समुदाय की अपनी बहनों के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़े हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने मुस्लिम महिलाओं के सामाजिक एवं कानूनी सशक्तिकरण के लिए हमेशा प्रयास किया है और उनके समर्थन में हमेशा एक मजबूत रुख अपनाया है।’’