35 साल की एक महिला ने कथित तौर पर अपने आठ साल के बेटे को गुरुवार को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने बच्चे की मां शीतल मानेर को गिरफ्तार कर लिया है। जिसने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया है। मानेर का कहना है कि वह पति से अलग होने के बाद वित्तीय दिक्कतों का सामना कर रही थी।
शीतल अपने बेटे अर्णव के साथ अपनी 28 साल की बहन श्वेता शिरसत के साथ बदलापुर पूर्व में रहती थीं। शीतल अपने पति वैभव से 18 महीने पहले अलग हुई थी। अदालत में उनकी तलाक याचिका पर सुनवाई चल रही है। दोनों ने 10 साल पहले शादी की थी।
श्वेता के पुलिस को दिए बयान के अनुसार उसे शीतल ने सुबह साढ़े पांच बजे फोन किया और बताया कि उसने अर्णव को मार दिया है। श्वेता उस समय अपनी मां के घर थी। उसने पुलिस और अपनी मां मंडा शिरसत को घटना की सूचना दी जो ठाणे के केंद्रीय कारागार में रात्री पाली में काम कर रही थी।
शिरसत अपनी मां के साथ जब घर पहुंची तब तक अर्णव मर चुका था। इसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बदलापुर पुलिस स्टेशन के जांच अधिकारी हर्षल कुलकर्णी ने कहा, 'मानेर ने कहा कि उसने अपने बेटे को इसलिए मार दिया क्योंकि वह तनाव में थी और गृहिणी होने के कारण उसे अपने बेटे के भविष्य को लेकर चिंता थी।'
उन्होंने आगे कहा, 'बेटे के शव को अतिंम संस्कार के लिए उसके पिता को सौंप दिया गया है। उनका बयान रिकॉर्ड किया जाना बाकी है क्योंकि वह सदमे में हैं। उनका कहना है कि शीतल और उनके बीच मतभेद थे। इसी वजह से वह अलग हुए थे।' श्वेता का कहना है कि शीतल का डिप्रेशन (तनाव) का इलाज चल रहा है।
श्वेता ने कहा, 'वह हमेशा कहती थी कि पति से अलगाव ने उसे परेशान कर दिया था। वह हमेशा अपने बेटे की पढ़ाई को लेकर चिंतित रहती थी। उसका पति कभी पैसे नहीं भेजता था। वह कभी उसे फोन नहीं करता था और न ही कभी बेटे के बारे में पूछता था।' शीतल को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उसे अदालत में पेश किया गया। जहां से पुलिस को 28 अक्तूबर तक के लिए हिरासत मिल गई है।