शनिवार को विशेष सीबीआई जज एसजे शर्मा के सामने इस अज्ञात गवाह (नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है) ने कहा कि वह 2002 में शेख से मिला था। उसकी शेख, उसकी पत्नी कौसर बी और सहयोगी तुलसी प्रजापति के साथ अच्छी दोस्ती हो गई थी। इसी दौरान शेख ने उसे बताया था कि उसे डीजी वंजारा ने गुजरात के गृह मंत्री हरेन पांड्या की हत्या करने के लिए पैसे दिए थे और उसने ये काम कर दिया है।
गवाह का कहना है कि उसने तब शेख से कहा था कि उसने गलत किया है और एक अच्छे आदमी की हत्या कर दी है। गवाह ने आगे बताया कि 2005 में उसे एक मामले में राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया था, तब उदयपुर जेल में उसकी मुलाकात फिर से तुलसी प्रजापति से हुई थी। तुलसी ने उसे बताया था कि गुजरात पुलिस ने सोहराबुद्दीन और उसकी पत्नी को मार दिया है। इस गवाह की गवाही अगले सप्ताह भी जारी रहेगी।