भारत यात्रा पर आये बांग्लादेश के एक शिष्टमंडल ने शनिवार को भारतीय सेना का आभार जताते हुए कहा कि भारतीय सेना के बगैर इतनी जल्दी पाकिस्तान से उनका देश आजाद नहीं हो पाता।
बांग्लादेश की सांसद काजी रोजी ने कहा कि बांग्लादेश भारतीय सेना के योगदान को भूला नहीं है। पूर्ववर्ती पूर्वी पाकिस्तान के लोगों की मुक्ति में भारत ने हर तरह से मदद दी।
रोजी, बांग्लादेश के उदय और 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत के उपलक्ष्य में आयोजित 'विजय दिवस' समारोहों में हिस्सा लेने के लिये भारत आये बांग्लादेश शिष्टमंडल की प्रमुख हैं।
उन्होंने कहा, 'आपके (भारतीय सेना) बगैर हम इतनी जल्दी आजादी हासिल नहीं कर पाते। वियतनाम ने नौ साल लड़ाई लड़ी और हमने सिर्फ नौ महीने लड़ाई लड़ी। यह सब सिर्फ आपके कारण संभव हो पाया।'
पाकिस्तानी सेना के अत्याचार के खिलाफ मार्च 1971 में पूर्वी पाकिस्तान के बांग्ला भाषी लोगों ने मुक्ति संग्राम शुरू किया था।
भारत एवं पाकिस्तान के बीच तीन दिसंबर को युद्ध का आगाज हुआ था, जो करीब दो हफ्ते तक चला। युद्ध की समाप्ति 16 दिसंबर को पूर्वी पाकिस्तान सेना के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (जीओसी-इन-सी) लेफ्टिनेंट जनरल एएके नियाजी के आत्मसमर्पण समझौते पर हस्ताक्षर के साथ हुई।
भावुक रोजी ने उस पल को याद किया जब पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों के कारण पलायन किये दो करोड़ शरणार्थियों को भारत ने शरण दी। उन्होंने कहा, 'रोहिंग्या बांग्लादेश आये। हमने उन्हें भोजन और आसरा दिया, लेकिन हमारे संघर्ष के दिनों में आपने हमें ज्यादा दिया।'