कृत्रिम पैर के सहारे दुनिया की छह प्रमुख चोटियों को फतह कर चुकीं विश्व रिकॉर्डधारी पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा ने बृहस्पतिवार को आखिरी बची माउंट विन्सन चोटी पर तिरंगा लहराने में कामयाबी हासिल कर ली। एक हादसे में अपनी एक टांग गंवाने वाली सिन्हा ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।
अरुणिमा दुनिया की पहली ऐसी दिव्यांग महिला हैं, जिन्होंने अंटार्कटिका के सबसे ऊंचे शिखर माउंस विन्सन को फतह किया है। अपनी आखिरी मंजिल की तरफ बढ़ने से पहले उन्होंने अपने आलोचकों का शुक्रिया अदा किया था। उन्होंने कहा था कि मैंने जब एवरेस्ट पर फतह की थी तब दोनों हाथ उठाकर जोर से चिल्लाना चाहती थी। मुझे पागल, विकलांग कहने वालों से कहना चाहती थी कि देखो मैंने कर दिखाया।
सिन्हा वॉलीबॉल खिलाड़ी थीं। अप्रैल, 2011 में लखनऊ से नई दिल्ली के सफर में कुछ बदमाशों ने उन्हें चलती ट्रेन से धक्का दे दिया था। दुर्घटना में उन्होंने अपनी एक टांग गवां दी। अरुणिमा की तमाम उपलब्धियों पर सरकार ने उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया था। हाल में उन्हें ब्रिटेन की एक यूनिवर्सिटी ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि से भी सम्मानित किया था।