संसद का शीतकालीन सत्र सात दिसंबर 2022 से शुरू होगा और 29 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें 23 दिनों में 17 बैठकें होंगी। अमृत काल के बीच सत्र के दौरान रचनात्मक बहस और विधायी कार्य व अन्य मदों पर चर्चा के लिए तत्पर हैं।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने महत्वपूर्ण विधायी कार्य पर चर्चा करने के लिए शीतकालीन सत्र शुरू होने से एक दिन पहले छह दिसंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस दौरान वह संसद के शीतकालीन सत्र में उठाए जाने वाले संभावित मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। जोशी ने एक पत्र में कहा कि विधायी कार्य और संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में संभावित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के लिए लोकसभा/राज्यसभा में राजनीतिक दलों के सदन के नेताओं की बैठक के लिए आपको आमंत्रित करते हुए मुझे खुशी हो रही है।
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दोनों सदनों को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग की अपील
मंत्री ने दोनों सदनों के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने में भी सहयोग मांगा। उन्होंने लिखा कि मैं दोनों सदनों के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए आपका सहयोग भी चाहता हूं। बैठक मंगलवार 6 दिसंबर 2022 को संसद पुस्तकालय भवन, संसद भवन में सुबह 11.00 बजे आयोजित की जाएगी।
सात दिसंबर से शुरू होगा संसद का शीतकालीन सत्र
संसद का शीतकालीन सत्र सात दिसंबर 2022 से शुरू होगा और 29 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें 23 दिनों में 17 बैठकें होंगी। अमृत काल के बीच सत्र के दौरान रचनात्मक बहस और विधायी कार्य व अन्य मदों पर चर्चा के लिए तत्पर हैं।