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शीतकालीन सत्र: सदन में जबरदस्त मुकाबले की उम्मीद; सत्ता पक्ष के पास वक्फ बिल तो विपक्ष के पास मणिपुर का मुद्दा

Shashidhar Pathak
Updated Fri, 22 Nov 2024 07:20 PM IST
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संसद भवन - फोटो : ANI

संसद का शीतकालीन सत्र दो विधानसभा चुनाव के नतीजे के बाद आहूत हो रहा है। शीतकालीन सत्र में विपक्ष सरकार को मणिपुर में लगातार खराब हो रहे हालात पर घेरने की तैयारी कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष ने वक्फ संशोधन विधेयक के मसौदे पर होमवर्क पूरा कर लिया है। दोनों ही मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में हंगामा होने की उम्मीद है। इसके अलावा एक बड़ा मुद्दा ओद्यगिक क्षेत्र से जुड़ा है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सचिवालय के सूत्र बताते हैं कि उद्योगपति गौतम आदाणी के मामले को भी संसद में मुद्दा बनाने की तैयारी है।



कानून मंत्रालय ने वक्फ संशोधन विधेयक के मसौदे को लेकर तमाम विशेषज्ञों से सुझाव मंगाए थे। मंत्रालय की एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने बहुत पहले ही अपनी सलाह मंत्रालय को भेज दिया है। इसमें कई संशोधनों पर प्रकाश डाला गया है। इस वक्फ संशोधन विधेयक और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक 2024 को लेकर संसद की संयुक्त समिति को शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह में अपनी रिपोर्ट लोकभा को सौंपनी है। इस विधेयक पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा कराकर इसे मंजूरी दिलाने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। 


वक्फ संसोधन विधेयक के मसौदे को लेकर संसद की संयुक्त समिति के चेयरमैन और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने भी जानकारी दी है कि वह जल्द ही रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंप देंगे। हालांकि, संसद की संयुक्त समिति के सदस्य अभी इससे सहमत नहीं है। वह वक्फ संशोधन विधेयक के मसौदे पर चर्चा के लिए और समय चाहते हैं। 


ऐसे में माना जा रहा है कि वक्फ संशोध विधेयक के मसौदे को सदन में पेश किए जाने के बाद हंगामा मचना तय है। इसके अलावा सरकार शीत कालीन सत्र में 15 और विधेयकों को भी पेश करने की तैयारी कर रही है। शीत कालीन सत्र के लिए सरकार ने जिन विधेयकों को सूचीबद्ध किया है, उनमें पांच नए विधेयक हैं।


सरकार बनाम विपक्ष

मणिपुर के जिरीबाम जिले में हिंसा की घटना ने एक बार फिर इस मुद्दे को जीवंत बना दिया है। मामले की गंभीरता को देखकर कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। इसमें खरगे से प्रधानमंत्री से मणिपुर के हालात को लेकर कई सवाल पूछे थे। खड़गे द्वारा लिखे गए पत्र का भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जवाब लिखकर  कांग्रेस को अध्यक्ष को भेज दिया है। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने नड्डा के इस जवाब पर भाजपा अध्यक्ष को आड़े हाथो लिया है। भाजपा अध्यक्ष के पत्र को झूठ का पुतला बताया है। जयराम रमेश ने सवाल पूछा है कि आखिर मणिपुर के खराब होते हालात के लिए प्रधानमंत्री अपनी विफलताओं की जिम्मेदारी कब लेंगे। सत्ता पक्ष और विपक्ष केबीच में मची इस तकरार से यही संकेत मिल रहे हैं कि विपक्ष मणिपुर के मुद्दे पर सरकार को घेरने की हर संभव कोशिश करेगा। मणिपुर के मुद्दे पर चर्चा और प्रधानमंत्री द्वारा सदन में जवाब देने की भी मांग की जाएगी।


संसद में उठ सकता है उद्योगपति गौतम अदाणी का नाम

हिंडन बर्ग की रिपोर्ट से ऊबरे उद्योगपति गौतम अदाणी पर अब भारतीय अफसरों को रिश्वत देने और धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। इसको लेकर न्यूयार्क की अदालत में अपराधिक मामला दर्ज किया है। आरोप है कि अदाणी  की कंपनियों को टेका दिलाने के लिए भारतीय अफसरों को यह रिश्वत दी गई है। इसके लिए गौतम अदाणी समेत कुल 8 लोगों को आरोपी बनाया है। इस मुद्दे ने शेयर मार्केट के साथ-साथ कई देशों में अदाणी समूह के लिए मुसीबत बढ़ाया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पहले से ही गौतम अदाणी को लेकर सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। राहुल के सचिवालय के सदस्य भी अदाणी समूह और भारतीय अफसरों पर लगे आरोप को काफी गंभीर मुद्दा मान रहे हैं। ऐसे में इसकी पूरी संभावना है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्टीकरण की मांग कर सकते हैं।

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