इस मॉनसून सत्र में जीएसटी बिल पास होने के पूरे आसार हैं। राज्यसभा में सरकार के पास बिल पास कराने के लिए 55 फीसदी समर्थन है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक एआईएडीएमके की जे जयललिता और बीएसपी नेता मायावती को छोड़ दें तो राज्यसभा के 82 सदस्य सरकार के गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स विधेयक को पास कराने के पक्ष में हैं।
राज्यसभा में फिलहाल 243 सदस्य हैं, 53 सांसद बीजेपी के हैं, जबकि दो सीटें खाली है। बीजेपी सांसदों और बाकी समर्थन में आए सदस्यों को मिलाकर 55 फीसदी लोग जीएसटी बिल पास कराने के लिए तैयार है।
कौन-कौन सी पार्टियां जीएसटी के समर्थन में?
जीएसटी के लिए जो पार्टियां पूरी तरह से समर्थन कर रही हैं, उनमें बीजेपी के अलावा, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, जेडीयू, बीजेडी, टीडीपी, एनसीपी, डीएमके, आरजेडी, एसएडी, शिवसेना, टीआरएस, पीडीपी, आपीआई, बीपीएफ, एसडीएफ, एनपीएफ शामिल हैं।
सीपीएम और सीपीआई शर्तों पर समर्थन करने के लिए तैयार हैं। कांग्रेस, आईयूएमएल और केसीएम पूरी तरह से जीएसटी बिल के विरोध में हैं।
बीजेडी से लोकसभा सांसद भारत्रुहरी महताब ने कहा कि हालांकि उनकी पार्टी जीएसटी का समर्थन करती है, लेकिन इसमें खनिज संपदा वाले राज्यों के लिए जरूरी सुधार किया जाना चाहिए, इन राज्यों के मैनुफैक्चरिंग राज्यों की तरह उपकर लगाने की छूट दी जानी चाहिए।
कुछ ने बताया देश हित में जीएसटी
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टीडीपी के राज्यसभा सांसद टी देवेंदर ने कहा कि यह बिल देश के हित में है इसलिए उनकी पार्टी बिल का समर्थन करेगी।
सरकारी सूत्रों की मानें तो जीएसटी के पक्ष में सरकार को 160 से ज्यादा सांसदों का समर्थन हासिल है।
कुलमिलाकर ज्यादातर पार्टियों के रुख से इस बार जीएसटी पक्ष में हवा चलती दिख रही है।