एकनाथ शिंदे, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री
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महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर चल रही चर्चाओं तेज हो गई हैं। इस बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने उन सभी खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि वह उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों से गुप्त संपर्क में हैं।
क्या है पूरा मामला?
हाल के दिनों में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि शिंदे यूबीटी सांसदों को अपने गुट में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं और इस सिलसिले में कुछ गुप्त बैठकें भी हुई हैं। इन अटकलों के बीच अब शिंदे ने खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट की है।
लोगों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है
शिंदे ने साफ कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के किसी भी सांसद के साथ उनकी कोई बैठक नहीं हुई है। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह गलत, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण बताया। उनके मुताबिक, इस तरह की खबरें लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं।
पिछले डेढ़ साल से उड़ रही ऐसी अफवाहें
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले डेढ़ साल से लगातार ऐसी अफवाहें उड़ाई जा रही हैं कि यूबीटी के कई सांसद उनके गुट में शामिल होने वाले हैं, लेकिन अब तक इनमें कोई सच्चाई सामने नहीं आई है। शिंदे ने दोहराया कि इन खबरों में कोई तथ्य नहीं है और इन्हें सिर्फ सनसनी फैलाने के लिए प्रचारित किया जा रहा है।
इसके साथ ही शिंदे ने मीडिया से अपील की कि वह अपुष्ट और सनसनीखेज खबरों को प्रसारित करने से बचें। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पत्रकारिता के तहत तथ्यों की पुष्टि करना जरूरी है, ताकि जनता तक सही और सटीक जानकारी पहुंच सके।
हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इन चर्चाओं को लेकर अभी भी हलचल बनी हुई है, लेकिन शिंदे के इस बयान के बाद स्थिति काफी हद तक साफ हो गई है। फिलहाल, शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के पार्टी बदलने को लेकर कोई ठोस संकेत नहीं मिले हैं और इसे महज अफवाह ही माना जा रहा है।