Maharashtra GreenTax: महाराष्ट्र में पुरानी गाड़ी चलाना अब महंगा होने वाला है। राज्य सरकार ने प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ग्रीन टैक्स के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। 15 साल से पुराने वाहनों के लिए अब उत्सर्जन मानकों के आधार पर अलग-अलग टैक्स स्लैब तय किए गए हैं।
BS-IV vehicle tax Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने मोटर वाहन कर कानून में संशोधन को हरी झंडी दे दी है। नए नियमों के मुताबिक, 15 साल पुराने वाहनों को अब उनकी उत्सर्जन क्षमता के आधार पर ग्रीन टैक्स देना होगा। यह नियम 7 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जा रहा है।
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महाराष्ट्र सरकार ने महाराष्ट्र मोटर वाहन कर (संशोधन) अधिनियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है। इसके तहत 15 साल पूरे कर चुके वाहनों को हर 5 साल में एकमुश्त ग्रीन टैक्स देना होगा। खास बात ये है कि BS-IV और उससे नीचे के मानकों वाले पुराने वाहनों पर BS-VI वाहनों की तुलना में दोगुना टैक्स लगाया गया है। इसके अलावा, क्रेन जैसे भारी वाहनों पर टैक्स की ऊपरी सीमा 30 लाख रुपये तय की गई है।
क्या हैं नई दरें और बदलाव?
महाराष्ट्र सरकार ने प्रदूषण कम करने की दिशा में सख्ती दिखाई है। सरकार ने वाहनों को दो श्रेणियों में बांटा है, आधुनिक उत्सर्जन मानक (BS-VI) और पुराने मानक (BS-IV या उससे नीचे)।
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वाहन श्रेणी
BS-VI टैक्स
BS-IV व नीचे
दोपहिया वाहन
2,000 रुपये
4,000 रुपये
पेट्रोल वाहन (कार आदि)
3,000 रुपये
6,000 रुपये
डीजल वाहन (कार आदि)
3,500 रुपये
7,000 रुपये
15 साल बाद हर 5 साल में भुगतान
संशोधन के अनुसार, जैसे ही आपकी गाड़ी के रजिस्ट्रेशन को 15 साल पूरे होंगे, आपको अगले पांच साल के लिए एकमुश्त टैक्स देना होगा। यह व्यवस्था पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से कम करने या उन्हें अपडेट करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को क्रेन टैक्स से राहत
निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने क्रेन जैसी विशेष मशीनों पर लगने वाले मोटर वाहन कर की अधिकतम सीमा 30 रुपये लाख तय कर दी है। इससे बड़े प्रोजेक्ट्स की लागत में कमी आने की उम्मीद है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि पुरानी गाड़ियां पर्यावरण को अधिक नुकसान पहुंचाती हैं। टैक्स को तर्कसंगत बनाकर सरकार प्रदूषण कम करना चाहती है। ये कानून 7 अप्रैल 2026 को गजट में प्रकाशित होने के साथ ही पूरे राज्य में लागू हो गया है।