कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। डर इस बात का है कि क्या एक बार फिर अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचेगी और लोगों की नौकरियां फिर से जाने का खतरा बढ़ गया है?
कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। डर इस बात का है कि क्या एक बार फिर अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचेगी और लोगों की नौकरियां जाने का खतरा बढ़ गया है?
लोगों की नौकरी खोने और कर्ज चुकाने में देरी होने से वित्तीय झटके महसूस किए गए। कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि महामारी के कारण लोगों पर मनोवैज्ञानिक भय पैदा हुआ है जिससे उपभोक्ता खर्च करने से डर रहे हैं और यदि तीसरी लहर भी आई तो इससे उपभोक्ताओं का यह डर कायम रह सकता है।
भारतीय रेलवे ने खूब कमाई की
हालांकि कुछ सेक्टरों में कोरोना की दूसरी लहर के वावजूद वृद्धि देखी गई। रेल, वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि भारत ने कोविड की दूसरी लहर के बावजूद अपनी पहली तिमाही में निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि की है। भारतीय रेलवे के इतिहास में अप्रैल-जून 2021 के बीच रेलवे माल भाड़ा अब तक का सबसे अधिक रहा है।
एसबीआई की रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि तीसरी लहर में, दूसरी लहर के मुकाबले ज्यादा लोग संक्रमित होंगे तो जाहिर है तीसरी लहर की आहट ने एक बार फिर सरकार और विशेषज्ञों के माथे पर चिंता की लकीर खींच दी है।
हालांकि अभी राज्य धीरे-धीरे पाबंदियों में ढील दे रहे हैं और आर्थिक गतिविधियों तेज हुई हैं, इसलिए विशेषज्ञों को उम्मीद है कि जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था खुलती जाएगी स्थिति बेहतर होगी, लेकिन यह पूरी तरह से कब तक ठीक हो जाएगा इस बारे मे कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। ऐसे में यदि तीसरी लहर आती है तो अर्थव्यवस्था को संभलने में और वक्त लग सकता है।