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क्या केरल चुनाव में सबरीमाला पर भी मतदान?: कांग्रेस ने 'महिला प्रवेश' का मुद्दा उठाया, CM विजयन को दी चुनौती

Tue, 17 Mar 2026 03:41 PM IST
Asmita Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

केरल में अगले महीने चुनाव होने वाले हैं। इसी बीच वहां पर एक बार सबरीमाला मंदिर का मुद्दा तेज हो गया है। कांग्रेस ने सबरीमाला महिला प्रवेश के मुद्दे पर मुख्यमंत्री विजयन को चुनौती दी। 
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कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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केरल में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। अब वहां पर सियासी राजनीति तेज हो गई है। इसी बीच एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश का मुद्दा उठाया। उन्होंने केरल सरकार पर हमला किया। मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन को इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने की चुनौती दी।

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अपना रुख स्पष्ट क्यों नहीं किया
वेणुगोपाल ने राज्य में वामपंथी शासन की कथित तौर पर सर्वोच्च न्यायालय में मासिक धर्म वाली महिलाओं के पहाड़ी मंदिर में प्रवेश के मुद्दे पर टालमटोल वाले रुख के लिए कड़ी आलोचना की। कोच्चि में हाल ही में आयोजित केरल पुलैयार महासभा के सम्मेलन का जिक्र करते हुए, उन्होंने सवाल उठाया कि कार्यक्रम का उद्घाटन करने वाले मुख्यमंत्री और समारोह में भाषण देने वाले मंत्री के राजन, दोनों ने ही अपना रुख स्पष्ट क्यों नहीं किया, जब केपीएमएस के राज्य महासचिव पुन्नला श्रीकुमार ने महिलाओं के प्रवेश के लिए अपने समर्थन को दोहराया।

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मुख्यमंत्री ने माफी क्यों मांगी?

एक बयान में, कांग्रेस नेता ने वायनाड टाउनशिप परियोजना से जुड़े विवाद को लेकर सुपरस्टार ममूटी से विजयन द्वारा हाल ही में सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की बात कही। वेणुगोपाल ने सवाल किया कि जब एक प्रमुख अभिनेता को ठेस पहुंची तो मुख्यमंत्री ने माफी क्यों मांगी? वहीं मंदिर की परंपराओं और श्रद्धालुओं की भावनाओं को कथित तौर पर ठेस पहुंचाने के लिए माफी क्यों नहीं मांगी।


कांग्रेस नेता ने 2007 में तत्कालीन वीएस अच्युतानंदन सरकार और 2016 में पिनारयी विजयन सरकार द्वारा दायर हलफनामों का हवाला देते हुए कहा कि एलडीएफ ने महिलाओं के प्रवेश का समर्थन करने वाले अपने पूर्व रुख में कोई बदलाव नहीं किया है। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह अब लुका-छिपी का खेल खेल रही है, क्योंकि वह स्पष्ट रूप से अपना रुख बताए बिना यह सुझाव दे रही है कि सर्वोच्च न्यायालय को धार्मिक विद्वानों से परामर्श करने के बाद इस मामले का फैसला करना चाहिए।

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कांग्रेस का क्या है रुख
वेणुगोपाल ने यह भी बताया कि सरकार ने तर्क दिया था कि राज्य विधानमंडल इस मुद्दे पर कानून बना सकता है, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष इस बात पर कोई ठोस रुख अपनाने में विफल रही कि वह महिलाओं के प्रवेश का समर्थन करती है या नहीं। कांग्रेस के रुख को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी माहवारी की उम्र की महिलाओं के पहाड़ी मंदिर में प्रवेश का समर्थन नहीं करती है।मंदिर की परंपराओं को महिलाओं की स्वतंत्रता से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

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