'चालीस प्रतिशत कमीशन के आरोपों की कराएंगे जांच'
उन्होंने कहा, 'हम घोटालों की जांच कराएंगे। चार मेडिकल कॉलेजों का निर्माण किया गया और इसमें अनियमितताओं के आरोप हैं, हम इसकी जांच कराएंगे। साथ ही हम 40 फीसदी कमीशन के आरोपों की जांच करवाएंगे। कोविड-19 के दौरान स्वास्थ्य संबंधी खरीद में अनियमितताएं हुईं, सिंचाई परियोजनाओं से संबंधित अनियमितताएं और बिटकॉइन घोटाला, इन सभी की जांच की जाएगी।'
'हताहतों की संख्या पर स्वास्थ्य मंत्री ने बोला झूठ'
सिद्धारमैया ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सीआईडी द्वारा पुलिस उप निरीक्षक (पीएसआई) भर्ती घोटाले की जांच जारी है। इसे और तेज किया जाएगा और दोषियों को दंडित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी के कारण चामराजनगर अस्पताल में हुई मौतों की भी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने कहा था कि केवल दो की मौत हुई थी, लेकिन ऑक्सीजन की आपूर्ति की कमी के कारण हताहतों की संख्या अधिक थी। उन्होंने झूठ बोला था। हम इसकी जांच कराएंगे।
एक जुलाई से लागू होगी गृह ज्योति योजना
चुनावी गारंटी को क्रियान्वयन को लेकर सरकार की आलोचना करने पर उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधा और कहा, सार्वजनिक परिवहन की बसों में महिलाओं के लिए निशुल्क सवारी प्रदान करने के लिए पहले से ही एक गारंटी लागू की गई है। एक जुलाई से 'गृह ज्योति' योजना के तहत घरों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जाएगी। साथ ही परिवार की महिला मुखिया को 2,000 रुपये प्रदान करने वाली 'गृह लक्ष्मी' योजना 15 अगस्त के बाद शुरू की जाएगी। इसके लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
'चावल की आपूर्ति रोकने के लिए केंद्र ने रची साजिश'
'अन्न भाग्य' योजना के बारे में उन्होंने कहा, इसके लिए हमें हर महीने 2,29,000 मीट्रिक टन चावल की आवश्यकता होती है, जो कहीं भी उपलब्ध नहीं हैं, और केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए 'साजिश' की है कि राज्य सरकार को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) से आवश्यक मात्रा में चावल न मिले। एफसीआई शुरू में आपूर्ति करने के लिए सहमत हुआ था क्योंकि उसके पास स्टॉक था। इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार (बीपीएल) के प्रत्येक सदस्य को अतिरिक्त पांच किलोग्राम चावल प्रदान करने की योजना है।
'चावल उपलब्ध होते ही शुरू होगी अन्न भाग्य योजना'
उन्होंने कहा, 'केंद्र की भाजपा सरकार यह सुनिश्चित करके कि एफसीआई राज्य को चावल की आपूर्ति नहीं करे, राज्य के गरीबों पर हमला किया है। भाजपा का मतलब गरीब विरोधी है। हम एनसीसीएफ, नाफेड और केंद्रीय भंडार जैसी अन्य एजेंसियों के माध्यम से चावल प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। हमने कोटेशन मंगाए हैं और बातचीत चल रही है।' उन्होंने कहा, 'हम कैबिनेट में चर्चा करेंगे और अगले कदम पर कल फैसला करेंगे, क्योंकि हमें (चावल) उत्पादक राज्यों से आवश्यक चावल नहीं मिल रहा है। जैसे ही चावल उपलब्ध होगा, योजना शुरू कर दी जाएगी।'
'सरकार पर 59 हजार करोड़ का अतिरिक्त बोझ'
बेरोजगार स्नातकों के लिए हर महीने 3,000 रुपये और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों के लिए 1,500 रुपये प्रदान करने की 'युवानिधि' योजना पर सीएम ने कहा, यह चौबीस महीने के लिए दिया जाएगा, जिसके भीतर बेरोजगारों को नौकरी ढूंढनी होगी; नौकरी मिलने पर इसे रोक दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी विभागों में लगभग 2.5 लाख रिक्तियों को चरणों में भरा जाएगा। उन्होंने कहा, 'यह एक बार में नहीं किया जा सकता, साथ ही पांच चुनावी गारंटी को लागू करने से सरकार पर सालाना 59,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। तो इस साल सरकार पर बहुत अधिक बोझ है, लेकिन यह निश्चित है कि गारंटी को लागू किया जाएगा।'