पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नोटबंदी के फैसले के खिलाफ अपना विरोध जारी रखते हुए शनिवार को एशिया की सबसे बड़ी थोक मंडी बड़ा बाजार का दौरा किया। उसके बाद वह रिजर्व बैंक गईं और वहां सौ व पांच सौ के नोटों की उपलब्धता के बारे में जानकारी हासिल की।
बाद में उन्होंने ट्वीट किया कि मैंने एशिया के सबसे बड़े बाजार का औचक दौरा कर व्यापारियों, हॉकरों, दुकानदारों और आम लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में 500 का एक भी नया नोट नहीं पहुंचा है। ऐसे में लोग क्या प्लास्टिक खाएंगे?
ममता ने कहा कि सरकार के फैसले के खिलाफ लोगों में भारी नाराजगी है। यहां ज्यादातर व्यापारी बिहार, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के हैं। उन लोगों ने बताया कि बीते दस दिनों से कारोबार लगभग ठप हो गया है। उन्होंने बैंक कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि भारी तनाव के बीच भी वे बेहतर काम कर रहे हैं। वे हालात के शिकार हैं।
तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पूरा ग्रामीण भारत और किसान आंसू बहा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब खाना नहीं मिलेगा, तो आम लोग क्या प्लास्टिक खाकर पेट भरेंगे ? उन्होंने नए नोट भेजने के मामले में केंद्र सरकार पर बंगाल से भेदभाव करने का भी आरोप लगाया है।
ममता ने कहा कि मध्य प्रदेश समेत दूसरे कुछ राज्यों में पांच सौ के नोट भेजे गए हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में अब तक पांच सौ का एक नोट भी नहीं आया है।