फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

INDIA Alliance: इंडिया की बैठक में सत्यपाल मलिक के एक सीट-एक पार्टी फार्मूले पर सहमत होंगे विपक्षी क्षत्रप?

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 01 Sep 2023 03:22 PM IST

सार

सत्यपाल मलिक ने विपक्षी दलों को कई अहम सुझाव दिए हैं। जिस तरह से वे केंद्र सरकार पर हमला बोल रहे हैं, उससे सत्यपाल मलिक भाजपा के खिलाफ 'विपक्षी चाणक्य' की भूमिका में नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इंडिया गठबंधन को सत्यपाल मलिक ने सलाह दी है - फोटो : सोशल मीडिया


'विपक्षी चाणक्य' की भूमिका में मलिक

बता दें कि अपने बयानों से केंद्र सरकार के लिए नित्य नई मुसीबत खड़ी करने वाले सत्यपाल मलिक ने विपक्षी दलों को कई अहम सुझाव दिए हैं। जिस तरह से वे केंद्र सरकार पर हमला बोल रहे हैं, उससे सत्यपाल मलिक भाजपा के खिलाफ 'विपक्षी चाणक्य' की भूमिका में नजर आ रहे हैं। मलिक ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को टक्कर देने के लिए विपक्षी दलों को एक मंत्र भी दे दिया है। पूर्व राज्यपाल ने कहा, मैंने दिल्ली में सभी राजनीतिक दलों से बात की है। वे इस बात पर राजी हैं कि एक उम्मीदवार के बदले एक उम्मीदवार खड़ा करेंगे। अगर ऐसा संभव हो गया तो ही भाजपा और मोदी को हराने में कामयाबी मिल सकेगी। अगर एक समान मकसद के लिए सभी दल एकत्रित हो जाते हैं तो दिल्ली में भाजपा को कोई बचा नहीं सकता। 


तो भाजपा वाले दिल्ली में नहीं लौट पाएंगे

मलिक ने कहा था, मैंने दिल्ली में सभी पार्टियों से बात की है। सभी राजनीतिक दल इस बात पर सहमत हैं कि 2024 के लोकसभा चुनाव में 'एक उम्मीदवार के बदले एक उम्मीदवार खड़ा हो' की रणनीति पर काम करेंगे। ऐसा संभव हो जाता है तो वोट नहीं बटेंगे। उसके बाद भाजपा वाले दिल्ली में नहीं लौट पाएंगे। तब इनका नाम लेने वाला कोई नहीं होगा। आज जिस घमंड को लेकर ये लोग घूम रहे हैं, वह चूर-चूर हो जाएगा। सत्यपाल मलिक ने कुछ माह पहले राजस्थान के सीकर में आयोजित एक जनसभा में लोगों से कहा था, एक बात यह भी समझ लो कि इस बार यानी 2024 के आम चुनाव में, ये लोग बच गए तो उसके बाद आप नहीं बचेंगे। आपके पास यह आखिरी मौका है। उन्होंने यह बात इसलिए कही, क्योंकि अगले साल होने वाले आम चुनाव को लेकर भाजपा उत्साहित है। 




2024 में भाजपा को कोई नहीं हरा सकता

भाजपा के 44वें स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने कहा था, हमें अति आत्मविश्वास का शिकार नहीं होना है। लोग अभी से कह रहे हैं कि 2024 में भाजपा को कोई नहीं हरा सकता। पूर्व राज्यपाल मलिक अब हर मुद्दे पर खुलकर बोल रहे हैं। उन्होंने पुलवामा के अलावा कई दूसरे मुद्दों पर भी भाजपा को घेरा है। वह चाहे जंतर मंतर पर बैठे पहलवान हों या अदाणी का मुद्दा हो, इन्हें लेकर मलिक खासे मुखर रहे हैं। किसानों को लेकर, राज्यपाल रहते हुए भी मलिक ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लेकर एक बड़ा बयान दे दिया था। मलिक ने कहा था, राजनाथ सिंह प्रधानमंत्री पद के 'सीरियस उम्मीदवार' हैं। अगर उनके भाग्य में है, तो वह प्रधानमंत्री जरूर बनेंगे। 


इस फार्मूले में विपक्ष के वोट नहीं होंगे विभाजित

राजनीतिक विशेषज्ञ रशीद किदवई कहते हैं, सत्यपाल मलिक ने बिल्कुल सही सुझाव दिया है। मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्षी दलों के लिए 'एक सीट एक उम्मीदवार' का फार्मूला बहुत कारगर साबित हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो एनडीए को कड़ी टक्कर दी जा सकती है। वजह, 'एक सीट एक उम्मीदवार' के फार्मूले में विपक्ष के वोट नहीं विभाजित होंगे। हालांकि अभी तक 'इंडिया' की बैठकों के जो नतीजे सामने आ रहे हैं, उन्हें देखकर लगता है कि 'एक सीट एक उम्मीदवार' के फार्मूले पर कहीं न कहीं सहमति बन जाएगी। भले ही कई दलों को यह फार्मूला घाटे का सौदा लगे, लेकिन उनके संयुक्त लक्ष्य की प्राप्ति के लिए यह जरुरी है। विपक्षी दलों की तरफ से इस फार्मूले पर काम शुरु हो गया होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next