कर्नाटक सरकार ने पहले अपने फैसले की चुनौती पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए 18 अप्रैल तक का समय मांगा था। राज्य सरकार ने 14 अप्रैल को आश्वासन दिया था कि वह अपने 27 मार्च के अपने आदेश के अनुसार शिक्षण संस्थानों में कोई प्रवेश नहीं लेगी या कोई नियुक्ति नहीं करेगी।
कर्नाटक सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया कि वह नौकरी और दाखिले में ओबीसी श्रेणी में चार फीसदी मुस्लिम कोटा खत्म करने के अपने फैसले को एक सप्ताह तक लागू नहीं करेगी। राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया कि राज्य सरकार को अपना हलफनामा दायर करने के लिए और समय की आवश्यकता है। इसके बाद अदालत को 25 अप्रैल तक सुनवाई टालनी पड़ी।
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राज्य सरकार ने पहले अपने फैसले की चुनौती पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए 18 अप्रैल तक का समय मांगा था। राज्य सरकार ने 14 अप्रैल को आश्वासन दिया था कि वह अपने 27 मार्च के अपने आदेश के अनुसार शिक्षण संस्थानों में कोई प्रवेश नहीं लेगी या कोई नियुक्ति नहीं करेगी।
पीठ ने यह की थी टिप्पणी
पिछली सुनवाई में पीठ ने कहा था कि सरकार का यह निर्णय प्रथम दृष्टया गलत धारणा पर आधारित है, क्योंकि यह एक आयोग की अंतरिम रिपोर्ट पर आधारित था। अदालत ने कहा था कि सरकार के एक निर्णय से एक झटके में बड़ी संख्या में लोगों को आरक्षण के लाभ से वंचित कर दिया गया।
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सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश तक बनर्जी से पूछताछ का नोटिस स्थगित
वहीं, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को पत्र भेजकर सूचित किया कि पूछताछ के लिए पूर्व में दिए गए नोटिस को सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश तक स्थगित किया गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी का यह पत्र टीएमसी सांसद को नोटिस दिए जाने के एक दिन बाद भेजा गया है। नोटिस में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस नेता कुंतल घोष के आरोपों के बाद स्कूल भर्ती घोटाले के मामले में पूछताछ के लिए बनर्जी को पेश होने के लिए कहा गया था। घोष इस मामले में आरोपी हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक को सोमवार का सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कुछ घंटे बाद पूछताछ का नोटिस पहुंचा था। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को 24 अप्रैल तक बनर्जी से पूछताछ करने की अनुमति देने वाले कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी।