तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी संसद में चुनाव आयोग की भूमिका और कार्यप्रणाली को लेकर नोटिस देगी। उन्होंने कहा, 'हम संसद में 193 नोटिस देने जा रहे हैं, जिसमें चुनाव आयोग की भूमिका और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाएंगे।'
मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) में गड़बड़ी का मुद्दा
कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि तीन मतदाताओं के एक ही ईपीआईसी नंबर हैं, जो कि कानूनन अवैध है। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मुद्दा है और उनकी पार्टी इसे संसद में मजबूती से उठाएगी।
संसदीय कार्यवाही शनिवार को कराने का प्रस्ताव
इस कल्याण बनर्जी ने यह भी प्रस्ताव रखा कि 13 मार्च की छुट्टी की भरपाई के लिए 15 मार्च (शनिवार) को संसद की कार्यवाही आयोजित की जाए। उन्होंने बताया कि 14 मार्च को होली की छुट्टी होने के कारण 13 मार्च को भी अवकाश रहेगा। बता दें कि, 17 मार्च से कई विभागों के बजट पर चर्चा शुरू होगी। इस दौरान रेलवे, जल शक्ति और कृषि मंत्रालय के बजट पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी।
संसद में हंगामा और विपक्ष का वॉकआउट
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत होते ही विपक्षी सांसदों ने कई मुद्दों पर हंगामा किया और राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया। इस दौरान परिसीमन और नई शिक्षा नीति (एनईपी) पर बहस की अनुमति न मिलने पर विपक्षी दलों ने विरोध जताया। वहीं डीएमके ने तमिलनाडु में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लागू होने पर सरकार की आलोचना की। लोकसभा में भी विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने डीएमके पर तमिलनाडु के छात्रों के भविष्य के साथ राजनीति करने का आरोप लगाया।
डीएमके ने परिसीमन को लेकर किया विरोध
डीएमके सांसद पी विल्सन ने कहा कि राज्यसभा में परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा की अनुमति नहीं मिलने के कारण उनकी पार्टी ने वॉकआउट किया। उन्होंने बताया कि डीएमके नेताओं तिरुची शिवा और उन्होंने राज्यसभा में नियम 267 के तहत नोटिस दिया था। मामले में डीएमके का कहना है कि तमिलनाडु की जनसंख्या वृद्धि दर कम होने के कारण सीटों का उचित पुनर्वितरण होना चाहिए। 2026 में प्रस्तावित परिसीमन में दक्षिणी राज्यों की सीटें घटने की आशंका है, जिससे संसद में उचित प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है।
सरकार ने किया विपक्ष पर पलटवार
वहीं राज्यसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष का उद्देश्य सिर्फ संसद की कार्यवाही को बाधित करना है। उन्होंने विपक्ष केनियम 267 के तहत दिए गए नोटिस को राजनीति से प्रेरित बताया। जेपी नड्डा ने कहा- सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। इस दौरान डीएमके सांसद तिरुची शिवा ने कहा कि परिसीमन को लेकर उनकी चिंता वास्तविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर जनसंख्या के आधार पर परिसीमन किया गया तो कई दक्षिणी राज्यों की सीटें कम हो जाएंगी, जिससे उनके साथ अन्याय होगा।