फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजनाथ के अपमान का पाक से ऐसे बदला लेगा भारत

Tue, 16 Aug 2016 04:49 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन
पाकिस्तान के साथ संबंधों में मौजूदा तल्‍खी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के हालिया दौरे में पाक द्वारा दिखाई गई बेरुखी के बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या वित्तमंत्री अरुण जेटली अगले महीने पाकिस्तान में होने वाले सार्क सम्मेलन में शिरकत करेंगे। सूत्रों के अनुसार सरकार इस मामले में बहुत फूंक फूंक कर कदम रखना चाहती है और अब इसका फैसला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद ही करेंगे।
विज्ञापन


हालांकि एनएआई ने दावा किया है कि सरकार ने इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है और सार्क में होने वाली बैठक में वित्त सचिव शशिकांत दास शिरकत करेंगे। 

बता दें कि महीने के अंत में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने वाली सार्क देशों के वित्तमंत्रियों की बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली को भी शिरकत करनी थी। लेकिन इसको लेकर लगातार असमंजस बना हुआ था कि जेटली पाकिस्तान जाएंगे या नहीं। सूत्रों के अनुसार इस महीने के शुरू में गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ पाकिस्तान में किए गए व्यवहार से सरकार खासी नाराज है। राजनाथ वहां सार्क देशों के गृहमंत्रियों के सम्मेलन में शिरकत करने गए थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

पाकिस्तान में होनी है सार्क के वित्तमंत्रियों की बैठक

ऐसे में सरकार इस मामले में सोच समझ कर ही अब कोई निर्णय लेना चाहती है। वित्त मंत्री अरुण जेटली को 25 व 26 अगस्त को पाक में होने वाली सार्क देशों के गृहमंत्रियों की बैठक में शिरकत करनी थी। हालांकि पाक ने एक अच्छा मेजबान होने का दावा किया है लेकिन सरकार गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ किए गए खराब व्यवहार को अभी भूली नहीं हैं।

 जब राजनाथ सिंह द्वारा सार्क सम्मेलन के दौरान आतंकवाद के मुद्दे को प्रमुखता से उठाना पाकिस्तानी सरकार और वहां की मीडिया को रास नहीं आया था। इसके बाद गृहमंत्री से बड़ा बेरुखा व्यवहार किया गया था, गृहमंत्री ने भी इस पर कड़ा रुख दिखाया और बिना लंच करे ही भारत लौट आए थे।

बता दें कि कश्मीर में आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद जारी हिंसा में अभी तक 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। पाकिस्तान इस मुद्दे को लगातार हवा देने में लगा हुआ है। वह इस मुद्दे को भारत की आंतरिक समस्या न बताकर लगातार इसका अंतरराष्ट्रीयकरण करने का प्रयास कर रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें