भारत अगले महीने से कुछ देशों के साथ 'ट्रैवल बबल्स' बनाने पर विचार करेगा। ट्रैवल बबल को अगर आसान भाषा में समझें तो चुनिंदा देशों का समूह जिसमें एक देश के नागरिक दूसरे देश की यात्रा के लिए आ और जा सकेंगे। उदाहरण के रूप में ऐसे समझिए, जैसे भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश एक ट्रैवल बबल बनाते हैं, तो इन तीनों ही देशों के नागरिक इन देशों में यात्रा कर सकते हैं। जबकि, इस दौरान इन देशों में दूसरे देशों के नागरिक यात्रा पर ना तो आ सकेंगे और ना हीं यहां से जा सकेंगे।
इसके अलावा अगर भारत दो ट्रेवल बबल में शामिल होता है। जैसे पहले बबल में भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश। वहीं दूसरे बबल में भारत, अमेरिका और ब्रिटेन। ऐसी स्थिति में भारत के नागरिक श्रीलंका, बांग्लादेश, अमेरिका और ब्रिटेन में यात्रा कर सकेंगे। साथ ही इन देशों के नागरिक भी भारत में यात्रा कर सकेंगे। लेकिन इस दौरान श्रीलंका-बांग्लादेश और अमेरिका-ब्रिटेन के नागरिक आपस में इन देशों की यात्रा नहीं कर सकेंगे, क्योंकि इनका ट्रैवल बबल अलग-अलग है।
सरकार को उम्मीद है कि जुलाई के मध्य तक घरेलू यात्रियों की संख्या कोरोना काल से पहले के स्तर को छू सकता है, जिसके बाद वह ऐसे देशों के साथ द्विपक्षीय ट्रैवल बबल व्यवस्था के तहत अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनुमति देने पर विचार करेगा।
इस बीच, ऐसी भी संभावना जताई जा रही है कि 24 अगस्त के बाद से घरेलू विमान यात्रा महंगी हो सकती है। दरअसल 25 मई को घरेलू उड़ानों के फिर से शुरू होने पर किराया सीमा तीन महीने के लिए तय कर दिया गया था। ऐसे में 24 अगस्त के बाद से इनकी कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।
विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, महामारी से पहले, हमारे पास प्रतिदिन 3-3.5 लाख घरेलू यात्री थे। हमने 25 मई को 30,000 यात्रियों के साथ दोबारा से घरेलू हवाई यात्रा सेवा शुरू की थी। इसके बाद से अब तक में एक दिन में सबसे ज्यादा 72,000 घरेलू यात्रियों ने विमान में सफर किया है। मैं जुलाई के मध्य से पहले 1.5-1.6 लाख घरेलू यात्रियों की उम्मीद कर रहा हूं, जो पूर्व-कोरोना स्तर का आधा है। इसके बाद हम एक-एक देश के आधार पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शुरू करने पर विचार करेंगे।