जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री
उमर अब्दुल्ला की अर्जी पर पायल अब्दुल्ला ने अपना जवाब हाईकोर्ट में दाखिल कर दिया। उमर अब्दुल्ला ने अर्जी दायर कर उनकी तलाक संबंधी याचिका पर शीघ्र सुनवाई करने का आग्रह किया था। पायल ने अपने जवाब में कहा कि मामले की जल्द सुनवाई करने का कोई ठोस आधार उमर अब्दुल्ला ने नहीं बताया है।
जस्टिस सिद्घार्थ मृदुल व जस्टिस दीपा शर्मा की खंडपीठ के समक्ष पायल अब्दुल्ला के वकील जयंत सूद व हनी खन्ना ने जवाब दाखिल कर दिया। इस जवाब पर अपना पक्ष रखने के लिये उमर अब्दुल्ला की वकील मालविका राजकोटिया ने समय मांगा है। मामले की अगली सुनवाई के लिये 17 जुलाई की तारीख तय की गई है।
खंडपीठ ने उमर अब्दुल्ला की ओर से दायर दो अर्जियों पर पायल से अब्दुल्ला से एक मार्च को जवाब मांगा था। उमर की ओर से दायर एक अर्जी में कहा गया था कि उनके तलाक संबंधी याचिका की शीघ्र सुनवाई की जाये। उनकी वकील ने कहा था कि तलाक के बाद उमर को दोबारा शादी करनी है।
दरअसल, पटियाला हाउस अदालत ने उमर अब्दुल्ला व पायल अब्दुल्ला के तलाक की अर्जी 30 अगस्त 2016 को खारिज कर दी थी। निचली अदालत के इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देते हुये कहा था कि अब उनकी शादी कायम रहने का कोई आधार नहीं बचा और शादी पूरी तरह टूट चुकी है।
निचली अदालत ने याचिका खारिज करते हुये कहा था कि उमर अब्दुल्ला पत्नी की ओर से की गई क्रूरता या उनसे अलग होने की बात साबित नहीं कर पाये जबकि इसी आधार पर तलाक की याचिका दायर की गई थी।
हाईकोर्ट में दायर अपील में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी शादी टूट चुकी है और 2007 से उनके बीच कोई संबंध नहीं है। उमर व पायल की शादी एक सितंबर 1994 को हुई थी और वह दोनों 2009 से अलग रह रहे हैं। शादी से दंपत्ति के दो बेटे जो पायल अब्दुल्ला के साथ रहते हैं।