पीड़िता का कहना है कि अजीम किराये के घर में उससे कभी-कभी ही मिलने आता था। वह गर्भवती हुई तब भी न उसकी देखभाल की कोई जिम्मेदारी निभाई न खर्च के लिए पैसे दिए। मजबूर होकर वह अपने मायके चली आई, जहां उसने बेटी को जन्म दिया। इसके बाद भी अजीम ने कभी उसकी खैरखबर लेने की जरूरत नहीं समझी।
बुधवार को पीड़िता ने अपने शौहर अजीम, सास नजमा, ननद सहोलिया और कुशी, जेठ असलम समेत पांच लोगों के खिलाफ थाना प्रेमनगर दहेज उत्पीड़न की एफआईआर दर्ज करा दी। पीड़िता के पिता की ओर से भी अजीम के खिलाफ गुजारा भत्ते के लिए अदालत में मुकदमा दायर किया गया है।