विरार के जिस कोविड में 14 मरीजों की मौत हुई उसमें 45 वर्षीय किशोर दोषी भी शामिल थे। उनकी मौत की खबर सुनकर पत्नी चांदनी को दिल का दौरा पड़ा और उनकी भी मौत हो गई। पति-पत्नी दोनों कोरोना संक्रमित थे।
एक दिन पहले से काम नहीं कर रहा था एसी
विरार के विजय वल्लभ अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद एक कर्मचारी सुप्रिया देशमुख कहा कि एक दिन पहले से ही एसी खराब चल रही थी। बृहस्पतिवार शाम से वहां वातानुकूलन (एसी) प्रणाली काम नहीं कर रही थी और मरम्मत का काम चल रहा था। जब मैं बृहस्पतिवार को शाम अस्पताल पहुंची तो अस्पताल के कोविड-19 वार्ड में वातानुकूलन प्रणाली काम नहीं कर रही थी। मैंने देखा कि एसी पैनल हटाए गए थे और मरम्मत का काम चल रहा था।
सुप्रिया ने कहा, अस्पताल ने अस्थायी बंदोबस्त के तौर पर कुछ पंखे लगाए थे। अपना काम खत्म करने के बाद रात में मैं घर लौट गई थी।
वहीं, हादसे में मारेे गए कोरोना मरीजों के रिश्तेदारों ने मौके पर पहुंचे मंत्रियों का घेराव कर विरोध किया। रोगियों के रिश्तेदारों ने शिवसेना नेता व शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे से अस्पताल के कथित कुप्रबंधन की शिकायत की।