सुनकर हैरत होती है, लेकिन यह सही बात है। सुलह और समझौते की सभी कोशिशों के नाकाम होने के बाद गत दिनों एक पत्नी ने अपने पति से तलाक मांगा है, जिसमें वजह के रूप में पति को खर्राटों की बीमारी बताई है। इसके लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है।
महिला के अधिवक्ता दिनेश बाबू शर्मा ने बताया कि बात सुनने में जितनी सहज लगती है उतनी है नहीं। महिला के पति को थ्रोटल प्रॉब्लम है। यह बात शादी के समय लड़के पक्ष ने लड़की पक्ष से छिपाई। दोनों ही पक्ष अलीगढ़ के ही रहने वाले हैं। खर्राटों की वजह से महिला को न सिर्फ मानसिक, बल्कि नींद संबंधी समस्या भी होने लगी है और उसका पूरा मानसिक और सामाजिक तालमेल बिगड़ गया है।
इस स्थिति में इस संबंध को आगे बढ़ाना दोनों परिवारों के हित में नहीं है। यही बात अदालत में भी कही गई है। दिनेश बाबू कहते हैं कि शादी महज अभी सवा साल पुरानी है और दंपति पर कोई बच्चा नहीं है। ऐसे में अलग राहें करने से किसी को कोई समस्या नहीं आएगी। अधिवक्ता दिनेश बाबू शर्मा कहते हैं कि अदालत में मामला सुनवाई के लिए स्वीकार किया गया है। महिला का पक्ष मजबूती से रखा जाएगा।