महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अजित पवार के निधन को दो महीने वाले हैं। इस बीच उनके भतीजे रोहित पवार लगातार विमान हादसे पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने बुधवार को कहा कि मुंबई और बारामती में एफआईआर दर्ज न होने के बाद वह दिल्ली गए थे। इसके बाद कर्नाटक में जीरो एफआईआर दर्ज किया गया था।
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रोहित पवार ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि अजित पवार विमान दुर्घटना मामले में सभी चाहते थे कि एफआईआर दर्ज हो। इसलिए हम मुंबई गए थे, लेकिन वहां जीरो एफआईआर दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद हम बारामती और सीआईडी के पास गए। इन तीनों जगह जीरों एफआईआर नहीं दर्ज किया गया। इसके बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ मुलाकात हुई। उन्हें सलाह दी गई थी कि वे अजीत पवार के विमान दुर्घटना से संबंधित अपनी शिकायत को ऐसे राज्य में ले जाएं जहां उन्हें न्याय मिल सके, जिसके बाद कर्नाटक के बेंगलुरु में जीरो एफआईआर' दर्ज की गई। अब बारामती में इसी आधार पर जांच की जाएगी।
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तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजीत पवार की 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती हवाई पट्टी के पास एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु के चार दिन बाद, 26 फरवरी को सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और उन्हें एनसीपी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।