कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन का कहना कि देश में ढाई दिन के सांसद को पेंशन मिलती है, जबकि संसद को आतंकी हमलों से बचाने वाले जवानों की पेंशन बंद है। रविवार 13 दिसंबर को दिल्ली स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित किए गए अखिल भारतीय एक्स-पैरामिलिट्री चौकीदार सेमिनार में एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह और कोषाध्यक्ष वीएस कदम ने यह बात कही है।
पूर्व अर्धसैनिकों ने केंद्रीय गृह मंत्री से मांग की है कि सरहदी चौकीदारों की भलाई से संबंधित मामलों का निपटारा करने के लिए अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड गठित किए जाएं।पूर्व अर्धसैनिकों को एक्स मैन का दर्जा दिया जाए।इसके लिए सरकार को एक अध्यादेश लाना चाहिए।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा, अर्धसैनिक परिवार के बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए सरदार पटेल के नाम पर राज्यों की राजधानी में अर्धसैनिक स्कूल खोले जाएं।राज्यों में एक सर्वे कराया जाए कि जहां अधिक संख्या में पैरामिलिट्री फोर्स के परिवार रहते हैं, उन जिलों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं जैसे सीजीएचएस डिस्पेंसरियों का विस्तार किया जाए। डीजी आईटीबीपी के उस तुगलकी फरमान को निरस्त किया जाए, जिसमें बाकी सुरक्षा बलों के रिटायर्ड अर्धसैनिकों को कैंटीन से मिलने वाली मदिरा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
सीपीसी कैंटीन पर 50 प्रतिशत जीएसटी छूट दी जाए।केंद्रीय सरकार अपने उस वायदे को पूरा करे, जिसमें सेना की तर्ज पर अर्धसैनिक बलों को भी पैरामिलिट्री सर्विस पे देने व उन जैसी दूसरी सुविधाएं देने बाबत बयान दिया गया था। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों को वन रैंक वन पेंशन व 2004 के बाद पुनः पुरानी पेंशन बहाली का लाभ दिया जाए।
कोषाध्यक्ष वीएस कदम ने रोष व्यक्त करते हुए कहा, ढाई दिन के सांसद को पेंशन मिलती है, लेकिन जिन्होंने 13 दिसंबर को पाकिस्तान के आतंकी हमले में संसद को बचाया था, उन जवानों की पेंशन बंद कर दी गई। पिछले छह वर्षों में वर्तमान सरकार ने अर्धसैनिक बलों के कल्याण से संबंधित कोई मसला हल नहीं किया है।एसोसिएशन ने अनेक बार गृह मंत्री व गृह राज्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा है।
सेमिनार में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आने वाले विधानसभा चुनावों व 2024 के आम चुनावों में 20 लाख पैरामिलिट्री फोर्स के परिवार उसी पार्टी को समर्थन देंगे, जो अर्धसैनिक बलों के हितों की बात करेंगे।पूर्व अर्धसैनिक प्रधानमंत्री मोदी से अपील करते हैं कि वे एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाएं।इससे जवानों की भलाई से संबंधित मसलों पर चर्चा कर उनका समाधान निकाला जा सकेगा।सेमिनार में विभिन्न राज्यों के अनेक पूर्व कर्मियों ने भाग लिया।