इस हफ्ते मंगलवार को डॉनल्ड ट्रंप साहब 70 के हो गए।उनकी बातों से यकीन नहीं होता है न! अभी भी कितनी मासूम बातें करते हैं! ट्रंप टावर के अंदर खासा जश्न मना होगा लेकिन हम तो बस उनके ट्विटर हैंडल पर रंग-बिरंगे उड़ते गुब्बारों का ग्राफिक्स देखकर ही खुश हो लिए। हमारे कुछ हिंदू भाईयों ने जरूर दिल्ली में बीच चौराहे पर ट्रंप साहब के लिए केक काटा और उनकी तस्वीरों को खिलाया भी।
पूरी दुनिया में खबर बनी, ट्रंप काफी खुश हुए होंगे।आखिर कोई तो है जो उनकी इतनी कद्र करता है। वर्ना अमेरिकी मीडिया को तो उनमें सिर्फ खराबी ही नजर आती है। वैसे केक की जगह लड्डू खिलाना चाहिए था ट्रंप साहब की तस्वीर को।मंगलवार का दिन था, बजरंग बली को लड्डू चढ़ाए जाते हैं उस दिन और वैसे भी हमारे ये भाई ट्रंप साहब से वही उम्मीद कर रहे हैं कि वो बजरंग बली की तरह एक बार गदा घुमाएंगे और उनके सभी दुश्मन जमीन पर।
भाईयों से एक और चूक हो गई। बचपन में जन्मदिन के दिन मां-बाप सिखाते थे कि बेटा आज सबकी दुआएं लेना, किसी के बारे में बुरा मत सोचना, बुरा मत बोलना।अब बेचारे ट्रंप साहब को ये सब बातें किसी ने नहीं बताई तो उनके इन चाहनेवालों का तो फर्ज बनता था न।
जन्म दिन के मौके पर नई बैंगनी रंग की सूट पहनकर तो आए लेकिन जब बोलना शुरू किया तो फिर पूरी दुनिया को कोसा, मुसलमानों को कोसा और यहां तक कि ऑरलैंडो में हुई गोलीबारी के लिए भी ओबामा को कोसा। रिपबलिकन पार्टी के कुछ भाई-बंधुओं ने जब टोका कि ऐसा नहीं बोलते तो ट्रंप साबह और फैल गए और कहा: “अगर साथ नहीं दे सकते तो मुंह बंद रखो। मैं अकेले ही काफी हूं।”
'ऐसे दिग्गजों का नाम खराब कर दिया आपने'
ट्रंप का जन्मदिन
वैसे हमारे दिल्ली वाले भाईयों से एक और गलती भी हुई। ऑरलैंडो का हमलावर मुसलमान था तो जाहिर है जो मारे गए उनके लिए हमदर्दी जताना उनकी जिम्मेदारी थी। ट्रंप साहब के मुंह पर केक लगाने के बाद उन्होंने मारे गए लोगों के लिए मौन भी रखा। राम, राम, राम ये क्या किया आप लोगों ने? जो मारे गए उनमें से ज्यादातर समलैंगिक थे।
क्या सोचेंगे आपके सीनियर लोग। आखिर इसी दिन के लिए आप पर करोड़ों हिंदूओं की जिम्मेदारी सौंपी थी? भूल गए जब फायर फिल्म रिलीज हुई थी जिसमें शबाना आजमी और नंदिता दास को एक दूसरे से इश्क करते दिखाया गया था तो किस जोश से आपके लोगों ने पोस्टर जलाए थे, जुलूस निकाले थे। मैं तब एक नया-नया रिपोर्टर होता था दिल्ली में और जब उन लोगों से कुछ सवाल पूछने लगा तो गाली-गलौज के साथ-साथ मारने-पीटने की धमकी देने लगे थे। ऐसे दिग्गजों का नाम खराब कर दिया आपने।
खैर अब तो जो हो गया सो हो गया। ये बताएं कुछ गिफ्ट-शिफ्ट भिजवाया या बस मुंह पर केक मल कर फारिग हो लिए? यहां सोशल मीडिया पर तरह-तरह के सुझाव दिए जा रहे हैं। कोई कह रहा है उस दिन दुनिया भर में छुट्टी का एलान कर देना चाहिए, कोई कह रहा है बड़ी सी परेड हो जिसमें एक से एक सुपरमॉडल्स भाग लें लेकिन सब की सब गोरी हों क्योंकि दूसरे रंग ट्रंप साहब को पसंद नहीं, एक और कह रहा है एक बड़ी सी गुलेल दी जाए उनको जिससे उस पर मेक्सिको से आए लोगों को बिठा कर वो एक झटके में सरहद के पार भेज सकें। लेकिन आपके लिए तो बेहतर होगा कि उन्हें ये योगा मैट और बाबा रामदेव या शिल्पा सेट्टी वाली योग की सीडी भेज दें।
बेचारे ट्रंप साहब को गुस्सा बहुत आता है, हमेशा लगता है कि ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है। थोड़ा सा सांस अंदर बाहर करेंगे, पेट फूलाएंगे-पिचाएंगे तो शायद सत्तर हजार साल जिएं। आखिर आपने दुआएँ तो मांगी ही होगी न –तुम जियो हजारों साल।।वगैरह वगैरह।