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ननकाना साहिब की घटना ने बताया कि क्यों जरूरी है नागरिकता कानून: भाजपा

Sat, 04 Jan 2020 06:34 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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 मीनाक्षी लेखी - फोटो : ani
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पाकिस्तान में ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हुए हमले को लेकर भारत में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है। अब इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और नवजोत सिंह सिद्धू को निशाने पर लिया है। भाजपा ने पूछा है कि क्या सिद्धू अब भी आईएसआई प्रमुख को गले लगाएंगे। 
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भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अबतक मैंने पाकिस्तान के ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हमले को लेकर कांग्रेस की तरफ से कुछ भी नहीं सुना है। मुझे नहीं पता कि सिद्धू (नवजोत सिंह सिद्धू) पाजी कहां गायब हो गए हैं? इतना कुछ होने के बाद भी क्या वह आईएसआई प्रमुख को गले लगाना चाहते हैं, कांग्रेस को इस पर गौर करना चाहिए।  
 
मीनाक्षी लेखी ने कहा, ननकाना साहिब की घटना ने साबित कर दिया है कि सीएए क्यों जरूरी था। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ धार्मिक प्रताड़ना की दशकों पुरानी समस्या के शिकार लोगों को भारत में नागरिकता देने का विरोध कर रही कांग्रेस सहित अन्य दलों और दिल्ली के शाहीन बाग से लेकर विभिन्न राज्यों में विरोध कर रहे लोगों को यह सच्चाई समझनी चाहिए।
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लेखी ने कहा कि ननकाना साहिब में शुक्रवार को हुई घटना की हम निंदा करते हैं। पाकिस्तान में जो हो रहा है वह निंदनीय है। वहां जबरन धर्मान्तरण कराया जा रहा है। हिंदू और सिख सहित अन्य अल्पसंख्यक महिलाओं को जबरन उठा लिया जाता है। 

जानिए पूरा मामला 

बता दें कि शुक्रवार को सैकड़ों लोगों ने ननकाना साहिब गुरुद्वारे को घेर लिया था। इस भीड़ की अगुवाई मोहम्मद हसन के परिवार ने की थी, जिस पर सिख लड़की जगजीत कौर का जबरन धर्मांतरण कराने का आरोप है। घटना के बाद बड़ी तादाद में पुलिस तैनात की गई है, लेकिन हालात तनावपूर्ण हैं। घटना से सिख समुदाय में आक्रोश है।

जानकारी के अनुसार जगजीत कौर उर्फ आयशा के साथ शादी करने वाले मोहम्मद एहसान के भाई मोहम्मद इमरान के साथ आए मुसलमानों ने ननकाना साहिब को घेर लिया था। पहले उन्होंने गुरुद्वारे के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर बैठकर प्रदर्शन किया। इसके बाद गुरुद्वारे के मुख्य प्रवेश द्वार पर पथराव किया गया। 

गेट बंद करने पर गुरुद्वारा साहिब के भीतर भी पत्थर फेंके गए। प्रदर्शनकारियों ने धमकी दी कि इस शहर का नाम बदलकर गुलाम-ए-मुस्तफा कराएंगे। कोई सिख ननकाना में नहीं रहेगा। यह प्रदर्शन लगभग चार घंटे चला था। इस कारण गुरुद्वारे के आसपास की दुकानें बंद हो गईं।

इस दौरान गुरुद्वारे में मौजूद संगत डरकर प्रदर्शनकारियों के जाने के बाद भी काफी देर तक वहीं बैठी रही। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कई पत्थरबाजों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद संगत वहां से निकली। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। 
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