कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में देश की समस्याओं और उन्हें दूर करने के उपायों पर विचार किया जाता है। लेकिन भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कांग्रेस, उसकी अगुवाई में बनने वाले महागठबंधन और राहुल गांधी के बारे में चर्चा हो रही थी। इसी से साबित हो जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन में महागठबंधन को लेकर कितनी चिंता है।
कांग्रेस नेता गहलोत ने एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की चिंता नहीं है। यह बात उनके निर्णयों से पहले ही दिख रहा था, लेकिन राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उसकी चिंता करने की बजाय महागठबंधन की चिंता कर उन्होंने अपनी प्राथमिकता दिखा दी है। गहलोत ने कहा कि एक तरफ तो वे यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें गठबंधन की चिंता नहीं है, लेकिन इसके उलट वे अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में महागठबंधन पर चर्चा करते हैं। इसी से यह जाहिर होता है कि उनके मन में विपक्षी दलों की एकता को लेकर कितना खौफ है।
कांग्रेस के बुलाए भारत बंद को सफल बताते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री देश को हमेशा गुमराह करने का काम करते हैं। भाजपा इस समय पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी देश को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के दबाव में आकर ही राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार ने चार फीसदी वैट घटाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को पेट्रोल की कीमतें कम करनी पड़ेंगी और जब तक कीमतें कम नहीं होतीं, उनका विरोध जारी रहेगा।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी दोनों ही अहम से भर गए हैं, यही कारण है कि वे बिना चुनाव के ही खुद को पचास साल शासन में रहने की बात करने लगे हैं। शायद वे देश के संविधान को कुचलना चाहते हैं। लेकिन पीएम को यह पता होना चाहिए कि यह भारत है जिसे कोरिया नहीं बनाया जा सकता क्योंकि यहां एक जिम्मेदार विपक्ष, स्वतंत्र मीडिया और लोकतंत्र में विश्वास करने वाले करोड़ों भारतीय हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की विदाई का समय आ गया है। अब उन्हें अपनी विदाई की तैयारी कर लेनी चाहिए।