अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी छवि चमकाने में लगे प्रधानमंत्री मोदी के खाते में सोमवार को उस समय एक और उपलब्धि जुड़ गई जब टाइम मैगजीन के ऑनलाइन पोल में उन्हें पर्सन ऑफ द ईयर चुना गया। हालांकि इसका अंतिम परिणाम तो सात दिसंबर को आएगा जब टाइम का एडिटर्स पैनल विजेता के नाम की घोषणा करेगा।
बीते साल भी इस प्रतिष्ठित सम्मान की दौड़ में ऑनलाइन रीडर्स पोल जीतकर प्रधानमंत्री मोदी सबसे आगे थे लेकिन एडिटर्स पैनल ने उनकी जगह जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल को यह पुरस्कार दे दिया। इस साल भी मोदी इस रेस में सबसे आगे हैं, इतना आगे कि उन्हें मिले 18 फीसदी वोट के बाद अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और बराक ओबामा जैसे दिग्गज मात्र 7 फीसदी वोट के बाद उनसे काफी पीछे हैं।
हालांकि सवाल सिर्फ यही है कि क्या इस बार वह टाइम पर्सन ऑफ द ईयर बन पाएंगे। क्योंकि साल 2014 और 2015 में भी वह ऑनलाइन रीडर्स पोल में विजेता बनने के बाद भी टाइम पर्सन ऑफ द ईयर बनने से रह गए थे। तो आइए जानते हैं वो पेंच जिसकी वजह से अटक सकती है मोदी की राह।