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स्पीड डेटिंग क्यों कर रहे हैं भारतीय?

Wed, 28 Feb 2018 05:29 PM IST
बीबीसी हिंदी
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"जब मैं वहां गई तो ऐसा लगा जैसे मेरा स्वयंवर होने वाला है। मेरे सामने तकरीबन 10 लड़के थे और मेरी नजरें उनमें से बेस्ट को ढ़ूंढ रही थीं।" 29 साल की श्रुति ये बताते हुए खूब हंसती हैं। ऐसा तब हुआ था जब वो पहली बार किसी स्पीड डेटिंग प्रोग्राम में शामिल होने गई थीं।
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स्पीड डेटिंग को आधुनिक स्वयंवर कहना गलत नहीं होगा। हालांकि इनमें एक बड़ा फर्क ये है कि यहां लड़के और लड़कियां दोनों होते हैं और दोनों को मनपसंद पार्टनर या दोस्त चुनने की आजादी होती है। अगर कोई पसंद नहीं आया तो बिना किसी दबाव या झिझक के ना भी कहा जा सकता है।

श्रुति फिलहाल स्पीड डेटिंग के जरिए मिले एक लड़के को डेट कर रही हैं। इसका कॉन्सेप्ट वैसे तो पश्चिमी देशों से आया है, लेकिन अब इसे भारत समेत दुनिया के कई देशों में पंसद किया जा रहा है।
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स्पीड डेटिंग प्रोगाम में सिंगल लड़के-लड़कियां मिलते हैं। मसलन, अगर 10 लड़कियां और 10 लड़के हैं तो दसों को एक-दूसरे से अलग-अलग बात करने का मौका मिलेगा। इसके लिए उन्हें तकरीबन आठ मिनट का वक्त दिया जाता है। इस आठ मिनट में वो एक-दूसरे की पसंद-नापसंद और बेसिक इंट्रोडक्शन जान सकते हैं।

वेश्यालयों के बंद कमरों में प्यार पल सकता है? यानी तकरीबन 80 मिनट (एक घंटे 20 मिनट) में आप 10 ऐसे लोगों से मिल पाएंगे जो भविष्य में आपके पार्टनर बन सकते हैं।

इस आठ मिनट की बातचीत में आप ये तय करते हैं कि आप इन 10 लोगों में किसी से दोबारा मिलना चाहेंगे या नहीं।

स्पीड डेटिंग के फायदे
अगर दो लोग दोबारा मिलने को राजी होते हैं तो बात आगे बढ़ती है। स्पीड डेटिंग की सबसे अच्छी बात ये है कि आप कम वक्त में अपनी तरह के लोगों से मिल पाते हैं।
जरूरी नहीं है कि यहां लोग सिर्फ प्यार या डेट की तलाश में आते हैं। कई ऐसे लोग भी हैं जो सिर्फ दोस्ती और नॉर्मल बातचीत के लिए स्पीड डेटिंग चुनते हैं।

'लाइफ ऑफ लाइन' एक ऐसा फोरम है जो भारत के अलग-अलग शहरों में स्पीड डेटिंग इवेंट्स आयोजित कराता है। इसकी शुरुआत 2016 में हुई थी।

प्रतीक इसके आयोजकों में से एक हैं। उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा, "अगर कोई स्पीड डेटिंग करना चाहता है तो वो हमारी वेबसाइट पर रजिस्टर करता है और फिर हम उससे संपर्क करते हैं।"

खुद से प्यार करना तो नहीं भूल गए?

प्रतीक के मुताबिक, उनके पास आम तौर पर 20-40 साल के लोग आते हैं जिन्हें काम से फुर्सत नहीं मिलती। इस तरह उन्हें नए लोगों से मिलने-जुलने का मौका मिलता है।

डेटिंग कंपनी बिना किसी की सहमति के उसका फोन नंबर या कोई दूसरी जानकारी शेयर नहीं कर सकती।

स्पीड डेट।कॉम और क्वैक-क्वैक।कॉम कुछ ऐसी ही वेबसाइट्स हैं जो स्पीड डेटिंग की सुविधा देती हैं।
स्पीड डेटिंग का ऑफर देनी वाली कंपनियां मैट्रिमोनियल बेवसाइट्स की तरह शादी कराने के मकसद से काम नहीं करतीं। हां, अगर डेटिंग के बाद बात शादी तक पहुंच जाए, ऐसा कई बार होता है।


 
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पता करिए, आप क्या चाहते हैं?

dating
डॉ गीतांजलि सक्सेना एक रिलेशनशिप एक्सपर्ट हैं और उनके पास आने वालों में एक बड़ी संख्या युवाओं की होती है। डॉ गीतांजलि कहती हैं, "आज के माहौल को देखते हुए मुझे लगता है कि स्पीड डेटिंग में कोई बुराई नहीं है। जरूरी नहीं कि हर किसी को पहली नजर वाला प्यार हो। इसलिए अगर आप सोच-समझकर किसी को चुनते हैं तो ये अच्छा ही है।"

ऐप, सेक्स और धोखा, लव कहां से लाएं?

दिल्ली के रहने वाले गौरव वैद्य एक आईटी कंपनी में काम करते हैं। ऑस्ट्रेलिया से वापस लौटे उनके एक दोस्त ने उन्हें स्पीड डेटिंग आजमाने की सलाह दी।
गौरव ने बीबीसी से बताया, "पहली बार में मुझे ये एक गेम जैसा लगा। मैं एक लड़की से बात कर रहा था तभी एक सीटी बजी और मुझे दूसरी टेबल पर जाकर दूसरी लड़की से बात करने को कहा गया।"

हालांकि बाद में उन्हें लगा कि स्पीड डेटिंग की खासियत ही यही है कि आप कम वक्त में ज्यादा लोगों से बात कर पाते हैं। उन्होंने कहा, "अभी मैं दो लड़कियों से बात कर रहा हूं। मैं चाहता हूं कि मुझे यहां मनचाहा मैच मिल जाए।"

लेकिन ऐसा भी नहीं है कि स्पीड डेटिंग के फायदे ही फायदे हैं और यहां प्यार या पार्टनर मिलने की गारंटी है।
डॉ. गीतांजलि के मुताबिक, "अगर आप स्पीड डेटिंग कर रहे हैं तो आपको पता होना चाहिए कि आप वाकई में कैसा साथी ढूंढ रहे हैं, क्योंकि एकसाथ कई लोगों से मिलकर आप कंफ्यूज हो सकते हैं।"

एक लड़की दो लड़कों से कैसे मोहब्बत कर सकती है!

उनका मानना है कि हम पहली बार में किसी की खूबसूरती या मुस्कुराहट से आकर्षित हो सकते हैं, लेकिन वो हमारे लिए सही ही होगा, ऐसा जरूरी नहीं है।
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